वीडियो कॉल पर गर्भवती महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, रानाघाट पुलिस की कार्रवाई
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के रानाघाट थाने की पुलिस ने राज्य सरकार की छवि को धूमिल करने की कोशिश करने वाले एक फर्जी डॉक्टर का भंडाफोड़ किया है। आरोप है कि रानाघाट नगरपालिका क्षेत्र की कई गर्भवती महिलाओं को सरकारी डॉक्टर बनकर वीडियो कॉल पर यौन उत्पीड़न किया गया। सूत्रों के अनुसार, एक व्यक्ति ने खुद को रानाघाट महकमा अस्पताल का डॉक्टर बताकर रानाघाट नगरपालिका के नर्सिंग विभाग में फोन किया। उसने आशा कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को उसका नंबर दें। डॉक्टर समझकर बिना पुष्टि किए नर्सिंग विभाग ने यह निर्देश आशा कार्यकर्ताओं को दे दिया। इसके बाद, नगरपालिका क्षेत्र की एक गर्भवती महिला ने रानाघाट थाने में शिकायत दर्ज कराई कि वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर ने उसका यौन उत्पीड़न किया। मामला नगरपालिका को बताया गया, जिसके बाद नगरपालिका ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर, पुलिस ने वीडियो कॉल में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की जांच शुरू की और रानाघाट थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने शुक्रवार रात बर्धमान से आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस के प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने कई सिम कार्ड का उपयोग कर राज्य सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं को निशाना बनाकर विभिन्न नगरपालिका और पंचायत क्षेत्रों में खुद को स्थानीय अस्पताल का डॉक्टर बताकर आशा कार्यकर्ताओं के जरिए महिलाओं को निशाना बनाया। अब पुलिस जांच कर रही है कि यह केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को बदनाम करने की साजिश थी या इसके पीछे ब्लैकमेलिंग या डार्क वेब पर वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग बेचने का कोई गिरोह भी सक्रिय है। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को अपनी हिरासत में लेने के लिए रानाघाट अदालत में पेश किया और आगे की जांच जारी है।

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