जामुड़िया: ईसीएल के सातग्राम-श्रीपुर एरिया अंतर्गत निंघा एसएसआई (शिवडांगा) कोलियरी में गुरुवार को एसएसआई कोलियारी संयुक्त संग्राम कमेटी (जैक) ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. कमेटी के सदस्यों ने कोलियरी प्रबंधन सिद्धार्थ वेले से तत्काल उत्पादन चालू करने की मांग करते हुए उन्हें एक ज्ञापन सौंपा.
इस अवसर पर, एसएसआई कोलियरी के मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए सातग्राम संयुक्त संग्राम कमेटी के सदस्यों ने ईसीएल के उच्च अधिकारियों और सातग्राम-श्रीपुर क्षेत्र प्रबंधन के "अड़ियल रवैये" और "गलत नीतियों" के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
श्रमिक संगठन बीएमएस के राजेंद्र यादव ने मौके पर कहा कि कोल इंडिया के अधिकारियों और ईसीएल के अधिकारियों की उदासीनता के कारण एसएसआई कोलियरी में उत्पादन ठप पड़ा है उन्होंने बताया कि कोलियरी के अंदर उच्च गुणवत्ता का लगभग 3.5 मिलियन टन कोयला मौजूद है और कोलियरी को फिर से शुरू करने के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन अब भी इस कोलियरी में उत्पादन शुरू करने में आनाकानी करता है, तो जैक के बैनर तले एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
एचएमएस के रामाधार हरिजन ने कहा कि एसएसआई कोलियरी के श्रमिक उत्पादन के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि आवश्यकता केवल ईसीएल प्रबंधन की इच्छाशक्ति की है उन्होंने विश्वास जताया कि यदि प्रबंधन सहयोग करे तो श्रमिक अधिक उत्पादन करके कंपनी को मुनाफा दिला सकते हैं. उन्होंने प्रबंधन से अपनी मानसिकता बदलने का आग्रह किया ताकि उत्पादन शुरू हो सके उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि प्रबंधन साथ देता है तो वे तैयार हैं, अन्यथा उन्हें इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा.
केकेएससी के सुभान मियां ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में ईसीएल प्रबंधन का एकमात्र उद्देश्य किसी भी तरह से कोलियरी को बंद करके श्रमिकों का स्थानांतरण करना प्रतीत होता है. उन्होंने प्रबंधन को चेतावनी दी कि यदि श्रमिकों को जबरदस्ती दूसरी कोलियरियों में स्थानांतरित करने का प्रयास किया गया तो कोलियरी से लेकर सड़क तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
सीटू के वीरेंद्र महतो ने कहा कि एसएसआई कोलियरी में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का प्रचुर भंडार खदान के अंदर मौजूद है. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय खदान को बंद करने की साजिश रच रहा है ताकि इस कोलियरी को भी एमडीओ परियोजना के तहत निजी मालिकों को बेचा जा सके. उन्होंने दृढ़ता से कहा कि वे प्रबंधन की इस मंशा को कभी सफल नहीं होने देंगे और इस "बंदर बांट" के खेल को चलने नहीं देंगे.उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन कोलियरी को फिर से चालू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था नहीं करता है, तो संयुक्त संग्राम समिति के बैनर तले मजदूर एक बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी ईसीएल प्रबंधन की होगी.
इस विरोध प्रदर्शन में आईएनटीटीयूसी से संबद्ध केकेएससी के सुभान मियां, भोला कुमार, सीएमयू इंटक के पिंटू चक्रवर्ती, सीएमएसआई सीटू के सपन मुखर्जी, शीतल चक्रवर्ती, वीरेंद्र महतो, रामकुमार नोनिया, सीएमसी एचएमएस के रामाधार हरिजन, किशुनदेव दास, बीएमएसकेएससी के राजेंद्र यादव, इनमोसा के जमाल खान, आफताब खान सहित कई अन्य प्रमुख श्रमिक नेता और सदस्य उपस्थित थे.


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