रानीगंज: रानीगंज स्थित टीडीबी कॉलेज के इतिहास विभाग में शुक्रवार (इंटरनल)आंतरिक परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू न होने के कारण छात्रों ने जमकर हंगामा किया. छात्रों ने इतिहास विभाग की प्रोफेसर मयूराक्षी दास पर समय पर परीक्षा आयोजित न करने का आरोप लगाया, जबकि एक छात्र नेता ने कॉलेज के ही एक अन्य प्रोफेसर पर अभद्र व्यवहार और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है.
जानकारी के अनुसार, इतिहास विभाग में आंतरिक परीक्षा का समय दोपहर 12:30 बजे निर्धारित था. सभी विद्यार्थी समय पर कॉलेज पहुंच गए थे, लेकिन लगभग 1:30 बजने के बावजूद जब परीक्षा शुरू नहीं हुई तो छात्रों ने पूछताछ की. उन्हें पता चला कि इतिहास विभाग की प्रोफेसर एक महत्वपूर्ण शिक्षक परिषद की बैठक में व्यस्त हैं.
इससे छात्रों का धैर्य टूट गया और उन्होंने कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य मिलन मुखर्जी के कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.घटना की सूचना मिलने पर छात्र नेता सुमन गोराई घटनास्थल पर पहुंचे. छात्रों ने उन्हें बताया कि आज इतिहास विभाग की आंतरिक परीक्षा थी, लेकिन प्रोफेसर के बैठक में व्यस्त होने के कारण परीक्षा शुरू नहीं हो सकी.
छात्र नेता ने बताया कि छात्रों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने प्रभारी प्राचार्य से अनुमति लेकर बैठक कक्ष में प्रवेश किया और इतिहास की प्रोफेसर मयूराक्षी दस से परीक्षा में देरी का कारण पूछा. गर्मी में छात्रों की परेशानी का हवाला देते हुए उन्होंने जल्द परीक्षा शुरू कराने का आग्रह किया. छात्र नेता का आरोप है कि इस पर प्रोफेसर ने आज परीक्षा लेने में असमर्थता जताई.
छात्र नेता ने आगे आरोप लगाया कि कॉलेज के ही एक अन्य प्रोफेसर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, यहां तक कि उनका कॉलर पकड़ लिया और जान से मारने की धमकी भी दी.छात्र नेता ने कहा कि यदि कॉलेज के प्रोफेसर छात्रों को जान से मारने की धमकी देंगे तो छात्र कैसे पढ़ाई कर पाएंगे.इसी वजह से आज छात्र आंदोलन कर रहे हैं.
छात्र नेता ने कॉलेज प्रशासन पर नियमित कक्षाएं न चलाने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर छात्रों से कहते हैं कि कक्षाएं करने की कोई आवश्यकता नहीं है, वे सब संभाल लेंगे. छात्र नेता ने मांग की कि कॉलेज में नियमित रूप से कक्षाएं चलनी चाहिए और सभी कार्य अनुशासन के साथ होने चाहिए.जिस प्रकार छात्रों को अनुशासन में रहकर पढ़ाई करनी होती है, उसी प्रकार अध्यापकों को भी समय का पालन करते हुए नियमित कक्षाएं लेनी होंगी और समय पर परीक्षाएं आयोजित करनी होंगी.
अंडाल से परीक्षा देने आए एक छात्र ने बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं और पढ़ाई के लिए समय निकालकर परीक्षा देने आए थे. 12:30 बजे से परीक्षा होने वाली थी, लेकिन यहां आने पर पता चला कि परीक्षा नहीं हो रही है क्योंकि प्रोफेसर बैठक में व्यस्त हैं.उन्होंने कॉलेज में किसी भी काम के समय पर न होने की शिकायत की. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर नियमित रूप से कक्षाएं नहीं लेते, जिससे छात्रों की उपस्थिति कम रहती है और उन्हें परीक्षा में बैठने में भी समस्या आती है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं होती। यहां के प्रोफेसर मनमानी करते हैं.
हालांकि, इस बारे में जब कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य मिलन मुखर्जी से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं कॉलेज में होती रहती हैं.उन्होंने छात्रों को कम उम्र का बताते हुए कहा कि वे जल्दी धैर्य खो देते हैं.उन्होंने बताया कि एक अचानक जरूरी बैठक आ जाने के कारण इतिहास विभाग की प्रोफेसर पहले से निर्धारित आंतरिक परीक्षा नहीं ले पाईं.उन्होंने कहा कि वह जल्द ही परीक्षा आयोजित कराएंगे, लेकिन कुछ छात्र उग्र हो गए और उन्होंने प्रोफेसर के साथ अभद्र व्यवहार किया और अपशब्दों का प्रयोग किया. उन्होंने यह भी कहा कि जब शिक्षक परिषद की बैठक चल रही थी, तो छात्र बिना अनुमति के अंदर घुस गए और वहां भी उन्होंने अभद्र व्यवहार किया, जिसका अन्य अध्यापकों ने विरोध किया. प्रभारी प्राचार्य ने छात्रों के इस व्यवहार को अशोभनीय बताया.
जब उनसे कॉलेज के कुछ प्रोफेसरों के हाथों में सुरक्षा की चिंता वाले प्लेकार्ड लेकर धरने पर बैठने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि वह उन प्रोफेसरों से बात करेंगे और उन्हें अपना धरना वापस लेने के लिए कहेंगे. उन्होंने इस घटना को कोई बड़ा मसला नहीं बताया और कहा कि इस तरह की चीजें कॉलेज में होती रहती हैं.












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