बांकुड़ा- मेजिया ताप विद्युत केंद्र में निर्माणाधीन चिमनी के पास तेज आंधी के कारण हुए एक दुखद हादसे में दो श्रमिकों की जान चली गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया.यह घटना उस समय हुई जब निर्माणाधीन चिमनी पर काम करने वाले कुछ श्रमिक पास के एक टिन के शेड के नीचे शरण ले रहे थे.
मेजिया ताप विद्युत केंद्र में एक नया प्रदूषण नियंत्रक चिमनी बनाई जा रही है,जिस ठेकेदार कंपनी को यह ठेका मिला है, उसके श्रमिक चिमनी के लगभग 100 मीटर ऊपर निर्माण कार्य के लिए लोहे का एक अस्थायी ढांचा बना रहे थे. कल शाम अचानक तेज आंधी आने के कारण इस अस्थायी ढांचे का एक हिस्सा उड़ गया और नीचे स्थित टिन के शेड पर गिर गया.
चिमनी पर काम करने वाले छह श्रमिकों ने उस टिन शेड के नीचे तूफान से बचने के लिए शरण ली थी. दुर्भाग्यवश, ऊपर से गिरे लोहे के भारी ढांचे के कारण टिन का शेड पूरी तरह से ढह गया, जिसके नीचे दबकर दो श्रमिकों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया. इस हादसे में एक अन्य श्रमिक बुरी तरह से घायल हो गया.
मृतक श्रमिकों की पहचान प्रेम शंकर और कंवरपाल के रूप में हुई है, और दोनों ही उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले थे.घायल श्रमिक को घटना के काफी देर बाद दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
गंगाजल घाटी थाने की पुलिस को घटना की सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए बांकुरा सम्मेलनी मेडिकल कॉलेज भेज दिया.
इस दुखद घटना के बाद, अन्य श्रमिकों ने मांग की है कि मृतकों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए.










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