जामुड़िया-विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम के जन्मस्थल पश्चिम बर्धमान जिले के जामुड़िया स्थित कवितीर्थ चुरुलिया में काजी नजरुल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 48वां नजरुल मेला आगामी 25 मई से शुरू होगा. पांच दिवसीय यह मेला 30 मई को समाप्त होगा मेले को लेकर विश्वविद्यालय प्रबंधन और स्थानीय लोगों के बीच चला आ रहा गतिरोध अब समाप्त हो गया है, दोनों पक्षों ने इसकी पुष्टि की है.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
विश्वविद्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नजरुल मेले के दौरान प्रतिदिन संध्या में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. इन कार्यक्रमों में नामी-गिरामी कलाकारों के साथ-साथ बर्धमान केंद्रीय संशोधनागार के कैदियों द्वारा भी नृत्य प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो आकर्षण का केंद्र होंगी. काजी नजरुल सेंटर फॉर सोशल एंड कल्चरल स्टडीज के डिप्टी डायरेक्टर सोमनाथ मुखर्जी ने बताया कि विभिन्न संस्थानों से मिल रहा अभूतपूर्व समर्थन इस बात का संकेत है कि इस वर्ष नजरुल मेले में दर्शकों की व्यापक भीड़ उमड़ेगी.
स्थानीय भागीदारी पर सहमति
इससे पहले, चुरुलिया गांव के कुछ निवासियों ने स्थानीय कलाकारों को मेले में अधिक अवसर देने और विभिन्न सामग्रियों के दाम न बढ़ाने की मांग करते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन को एक ज्ञापन सौंपा था ज्ञापन पर कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर, कुछ स्थानीय लोगों ने मेला स्थल के पास अपनी व्यक्तिगत जमीन पर गड्ढे खोद दिए थे. इन जमीन मालिकों के प्रतिनिधि ग़ालिब सिद्दीकी ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने किसी भी सामग्री का दाम न बढ़ाने और स्थानीय कलाकारों को पूर्ववत योगदान दिलाने का आश्वासन दिया है. इस आश्वासन के बाद, खोदे गए गड्ढों को भर दिया गया है, जिससे मेले के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है.
बेहतर सुविधाओं का वादा
नजरुल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार चंदन कोनार ने बताया कि कार्यक्रम के केंद्रीय हॉल में पुराने प्रमिला मंच के नवीनीकरण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, जिसमें स्थानीय लोगों का पूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है. उन्होंने यह भी बताया कि चुरुलिया नजरुल मेला देर रात तक चलता है, और दूर-दराज से आने वाले दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन के सहयोग से आसनसोल से रात में बसों की व्यवस्था की जाएगी। मेला समाप्त होने पर उन्हीं बसों से दर्शक वापस अपने गंतव्य को लौट सकेंगे, जिससे उन्हें किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी.


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