रानीगंज: रानीगंज के 88 नंबर वार्ड अंतर्गत तार बांग्ला इलाके के निवासियों ने स्थानीय रोज़ बेकरी से निकलने वाले प्रदूषण के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बेकरी से निकलने वाले धुएं के कारण उन्हें गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है और उन्होंने बेकरी को तत्काल बंद करने की मांग की है.
इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए, जिन्होंने एक स्वर में बेकरी के संचालन पर आपत्ति जताई. उनका आरोप है कि बेकरी से निकलने वाले धुएं से उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है. इस संबंध में स्थानीय निवासी फरहत तरन्नुम ने बताया कि बेकरी के धुएं के कारण उनके दो रिश्तेदारों की मौत हो चुकी है, और कई अन्य लोग भी बीमार पड़ गए हैं. उन्होंने डॉक्टरों के पर्चे भी दिखाए और दावा किया कि डॉक्टरों ने भी प्रदूषण को ही उनकी बीमारियों का कारण बताया है. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी एकमात्र मांग बेकरी को बंद करना है, और यदि ऐसा नहीं किया गया तो वे भविष्य में और बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे और सड़कों को जाम कर देंगे. स्थानीय लोगों के अनुसार, इस प्रदूषण से लगभग ढाई सौ घर प्रभावित हैं.
इस मामले पर जब रोज़ बेकरी के मालिक से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह बेकरी कोई नई नहीं है, बल्कि यहां 100 साल से भी अधिक समय से चल रही है. उन्होंने यह भी कहा कि रानीगंज में कई अन्य बेकरियां भी हैं जिनकी चिमनियां उनकी बेकरी की चिमनी से भी छोटी हैं.उन्होंने स्वीकार किया कि बेकरी से निकलने वाले धुएं से लोगों को परेशानी होती है, और इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी बेकरी की चिमनी को लंबा भी करवाया है. उन्होंने बताया कि उनकी बेकरी में रात 10 बजे से केवल दो से तीन घंटे तक ही आग जलती है और वह पूरी कोशिश करते हैं कि लोगों को कम से कम परेशानी हो. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लोगों की शिकायतें जायज हैं और वह इलेक्ट्रिक ओवन के माध्यम से काम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इसके लिए आवश्यक लागत का इंतजाम अभी तक नहीं हो पाया है. उन्होंने बताया कि पहले उनके पिता और चाचा मिलकर बेकरी चलाते थे, लेकिन अब उनके पिता की उम्र ज्यादा होने के कारण वह कामकाज नहीं देख पाते हैं. अब वह अपने चाचा के साथ मिलकर बेकरी चला रहे हैं और उनकी कोशिश है कि बैंक से लोन लेकर बेकरी का आधुनिकीकरण किया जा सके, ताकि स्थानीय लोगों को प्रदूषण से राहत मिल सके. रिहायशी इलाके में बेकरी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह बेकरी सौ साल से भी पुरानी है और रानीगंज में कई अन्य बेकरियां भी रिहायशी इलाकों में स्थित हैं. उन्होंने एक बार फिर आश्वासन दिया कि वह बेकरी के आधुनिकीकरण के माध्यम से लोगों को हो रही परेशानियों को खत्म करने का प्रयास करेंगे.












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