पहलगाम आतंकी हमला: कोलकाता और झालदा के निवासियों समेत तीन बंगाल के निवासी की मौत, मातम का माहौल




कोलकाता: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले ने पश्चिम बंगाल में शोक की लहर दौड़ा दी है। इस हमले में कोलकाता और झालदा के तीन निवासियों की जान चली गई है। मृतकों में कोलकाता के वैष्णवघाटा निवासी और अमेरिका में कार्यरत टीसीएस टेक्नीशियन बितान अधिकारी, पुरुलिया जिले के झालदा शहर के बाघमुंडी रोड निवासी और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में हैदराबाद में तैनात अधिकारी मनीष रंजन मिश्रा, और बेहाला निवासी समीर गुहा शामिल हैं।



प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालीस वर्षीय बितान अधिकारी अपनी पत्नी सोहिनी और तीन साल के बेटे के साथ छुट्टियां बिताने के लिए 8 अप्रैल को कोलकाता स्थित अपने घर आए थे। पिछले सप्ताह वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ पहलगाम घूमने गए थे और उनका गुरुवार को लौटने का कार्यक्रम था। दुर्भाग्यवश, बुधवार को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में उनकी जान चली गई। हमले के दौरान उनकी पत्नी और बेटा सुरक्षित हैं, और सरकार उन्हें वापस लाने के प्रयास कर रही है।



वहीं, मनीष रंजन मिश्रा केंद्रीय गृह मंत्रालय के इंटेलिजेंस ब्यूरो में अधिकारी के पद पर हैदराबाद में कार्यरत थे। वह अपने परिवार के साथ वैष्णो देवी मंदिर जाने के लिए कश्मीर गए थे। पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस हमले में आतंकवादियों ने उनकी पहचान देखने के बाद उन्हें गोली मार दी, जबकि उनकी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित बचाया गया। मनीष तीन भाइयों में सबसे बड़े थे और उनके पिता मंगलेश मिश्रा झालदा हिंदी हाई स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हैं।



बेहाला निवासी समीर गुहा भी इस आतंकी हमले में अपनी जान गंवा बैठे। वह कुछ दिन पहले अपने परिवार के साथ कश्मीर की यात्रा पर गए थे और बुधवार को कोलकाता लौटने वाले थे। अब उनकी पत्नी शबरी को अकेले ही घर लौटना पड़ेगा।



इस दुखद घटना के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने बितान अधिकारी की पत्नी से फोन पर बात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी शोक संदेश जारी करते हुए कहा कि उनकी सरकार बितान अधिकारी के पार्थिव शरीर को कोलकाता वापस लाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है। राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने भी वैष्णवघाटा स्थित बितान अधिकारी के घर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मिलकर शोक व्यक्त किया।


उधर, झालदा में मनीष रंजन मिश्रा की मौत की खबर फैलते ही उनके घर पर बुधवार सुबह से ही पड़ोसियों और रिश्तेदारों की भीड़ जमा हो गई। मनीष के माता-पिता का रो-रो कर बुरा हाल है। उनके भाई विनीत ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मंगलवार दोपहर को मिली थी। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मनीष के परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की हैं।


पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। इस हमले में कम से कम 25 अन्य लोगों के भी मारे जाने की खबर है, जिससे यह घाटी में अब तक के सबसे भीषण हमलों में से एक बन गया है। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है और मृतकों के परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है।

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