रानीगंज: इंडियन बैंक ने गुरुवार को प्रेमनगर, रानीगंज निवासी विवेकानंद चैटर्जी के मकान पर कब्जा कर लिया। यह कठोर कदम श्री चैटर्जी द्वारा 2013 में लिए गए 15 लाख रुपये के हाउस लोन की राशि चुकाने में लगातार विफलता के बाद उठाया गया। उक्त लोन 2023 में नॉन-परफॉर्मिंग असेट (एनपीए) घोषित कर दिया गया था।
बैंक के चीफ मैनेजर प्रवीण कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि विवेकानंद चैटर्जी पर वर्तमान में 13 लाख रुपये की बकाया राशि है। इस लोन के लिए उनकी पत्नी पुष्पा चैटर्जी गारंटर थीं।
श्री कुमार ने कहा, “विवेकानंद चैटर्जी को कई बार बकाया राशि जमा करने के लिए विधिवत नोटिस भेजा गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके परिणामस्वरूप, बैंक को नियमों के अनुसार यह अप्रिय कदम उठाना पड़ा।”
गुरुवार को मकान पर कब्जे की इस प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हीरापुर पुलिस भी मौजूद थी। इसके अतिरिक्त, बैंक द्वारा नियुक्त रिसीवर जीत चैटर्जी, अधिवक्ता संग्राम सिंह, रिकवरी एजेंट राजीव बनर्जी, सब-इंस्पेक्टर अजीत कुंडू और सुमन सिंगा भी मौके पर उपस्थित थे।
यह कार्रवाई बैंकिंग नियमों के तहत की गई है, जिसके अंतर्गत एनपीए खातों से बकाया राशि की वसूली के लिए संपत्ति पर कब्जा करना एक कानूनी प्रक्रिया है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। अब संभावना है कि बैंक इस कब्जे वाली संपत्ति की नीलामी की प्रक्रिया शुरू करेगा, ताकि अपने बकाया लोन की राशि को वसूल किया जा सके।
खबर लिखे जाने तक, विवेकानंद चैटर्जी और उनके परिवार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह घटना उन सभी लोगों के लिए एक सबक के तौर पर देखी जा रही है, जो बैंक से लोन लेने के बाद उसकी समय पर अदायगी में लापरवाही बरतते हैं।

0 टिप्पणियाँ