आसनसोल- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जितेंद्र तिवारी सोमवार को आसनसोल अदालत में पेश हुए। यह पेशी जामुड़िया के दरबारडांगा जल परियोजना में हुए विवाद से संबंधित थी, जिसमें जितेंद्र तिवारी और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
कुछ दिनों पहले, जितेंद्र तिवारी जमुरिया के दरबारडांगा जल परियोजना का दौरा किया था।
वहां, उनका बालू माफियाओं के साथ विवाद हुआ, जिसके बाद उनके और उनके साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
जितेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि जब वह मेयर थे, तब उन्होंने इस जल परियोजना के लिए कड़ी मेहनत की थी।
उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली थी कि बालू माफिया अजय नदी से अवैध रूप से बालू निकाल रहे हैं, जिससे परियोजना को खतरा है।
तिवारी ने चिंता जताई कि यदि परियोजना को नुकसान पहुंचता है, तो जमुरिया और आसपास के क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि 15 दिन पहले जब वह परियोजना स्थल पर गए थे, तो टीएमसी नेताओं के शह पर बालू माफियाओं ने उन पर और उनके समर्थकों पर हमला किया।
हालांकि, उनके खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया।
अदालत में पेशी और बयान:
जितेंद्र तिवारी ने कहा कि वह कानून का सम्मान करते हैं, इसलिए अदालत में पेश हुए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस टीएमसी नेताओं की अनुमति के बिना उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकती थी।
तिवारी ने स्पष्ट किया कि उन्हें और भाजपा को इस तरह के मामलों से डराया नहीं जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जल परियोजना के लिए कड़ी मेहनत की थी और इसे बर्बाद नहीं होने देंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें परियोजना की रक्षा के लिए जेल भी जाना पड़े, तो वह तैयार हैं।
जितेंद्र तिवारी द्वारा लगाए गए आरोप:
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के इशारे पर बालू माफियाओं द्वारा हमला।
पुलिस द्वारा टीएमसी नेताओं के दबाव में आकर प्राथमिकी दर्ज करना।
जल परियोजना को नुकसान पहुंचाने की साजिश।

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