कोलकाता (पीबी टीवी )| कोलकाता के टांगरा तिहरे हत्याकांड में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। इस बीच राज्य बाल आयोग के दो सदस्यों के सामने नाबालिग बच्चे ने कई सनसनीखेज बयान दिया है। उसने राज्य बाल आयोग के सदस्यों को बताया है कि मैंने उस दिन योग और जिम किया था। इसके बाद मुझे दलिया में नींद की गोलियां मिलाकर खाने के लिए दिया गया था, लेकिन उससे मुझे नहीं हुआ था। मैंने मृत होने का नाटक किया और अपनी सांस रोक ली। फिर मेरे चाचा ने मुझे तकिये से ढककर गला घोंटकर मारने की कोशिश की। मैंने काफी देर तक अपनी सांस रोके रखी। फिर चाचा और पिता आत्महत्या करने के लिए छत पर चले गए। मैं दूसरी मंजिल पर गया और देखा कि मेरी चाची और बहन मृत अवस्था में पड़ी थीं। मेरी चाची ने संभवत इस घटना का विरोध किया था , लेकिन उनकी हत्या कर दी गई थी। मेरे पिता ने घटना से दो दिन पहले कहा था कि इस बार लेनदार मेरे पीछे पड़ेंगे। मेरे चाचा ने कहा था कि मौत के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उस दिन चर्चा के दौरान मुझे कमरे से बाहर निकाल दिया गया। अगर मैं उस दिन घर पर होता तो पैसे कमाने के दूसरे तरीके सुझा सकता था। मेरे चाचा का कारोबार खूब फल-फूल रहा था।बाल संरक्षण आयोग के सदस्य नाबालिग को बाल सुधार गृह नहीं भेजना चाहता है। वे उसे एक रिश्तेदार के पास रखना चाहते हैं। आयोग आज इन दोनों से बात करेगा। सरकारी योजना के तहत, नाबालिग के वयस्क होने तक उसको मासिक भरण-पोषण मिलेगा। यदि वे इसे लेने के लिए सहमत नहीं होते हैं, तो एक परिवार मिल गया है जो इस नाबालिग का भरण-पोषण करने को तैयार है। बाल संरक्षण आयोग सभी विकल्प खुले रखेगा और अपने प्रयास जारी रखेगा।आपको बता दें कि चार दिन पहले कोलकाता के टांगरा में डे परिवार के तीन सदस्यों की मौत के मामले ने हड़कंप मचा दिया था. सुदेशना डे और रोमी डे तथा एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के शव टांगरा स्थित उनके घर में पाए गए थे ।

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