दिलीप घोष ने कहा आरएसएस 100 वर्षों से कर रहा है देश के निर्माण के लिए काम
बर्दवान (पीबी टीवी ) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने आज बर्दवान में है. उन्होंने ने आज बर्दवान के ताली साईं कॉम्प्लेक्स में भाषण दिया।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने रविवार को स्वयंसेवकों को संबोधित किया. उन्होंने हिंदू समाज को एकजुट करने के महत्व पर जोर दिया और कहा, 'संघ पूरे हिंदू समाज को एकजुट करना चाहता है. हिंदू समाज को एकजुट क्यों करना है? क्योंकि इस देश के लिए जिम्मेदार समाज हिंदू समाज है.'
आरएसएस प्रमुख ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, 'आज कोई खास दिन नहीं है, फिर भी कार्यकर्ता इतनी गर्मी में सुबह से बैठे हैं क्यों? संघ क्या करना चाहता है? अगर इस सवाल का एक वाक्य में जवाब देना है तो संघ पूरे हिंदू समाज को एकजुट करना चाहता है. हिंदू समाज को एकजुट क्यों करना है? क्योंकि इस देश के लिए जिम्मेदार समाज हिंदू समाज है...भारत की एक प्रकृति है और जिन लोगों ने सोचा कि वे उस प्रकृति के साथ नहीं रह सकते, उन्होंने अपना अलग देश बना लिया... हिंदू दुनिया की विविधता को स्वीकार करके आगे बढ़ते हैं.' उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, 'भारत सिर्फ भूगोल नहीं है, भूगोल तो कम ज्यादा होता रहा है. पर भारत जब कहा जाता है, जब उसका एक स्वभाव होता है. भारत का एक स्वभाव है, उस स्वभाव के साथ हम नहीं रह सकते. उन्होंने अपने अलग देश बना लिया. जो लोग दूसरे देश में नहीं गए. वे निश्चित रूप से प्रकृति के साथ रहना चाहते हैं और वो भारत नाम का स्वभाव आज का नहीं है. ये 15 अगस्त 1947 से बहुत आगे का है. हम राजाओं को नहीं, बल्कि उन राजाओं को याद करते हैं जो 14 साल तक जंगल में रहे. जब तक यह प्रकृति है, तब तक भारत है. हिंदू समाज और भारतवर्ष एक ही है.' उन्होंने विभिन्न पौराणिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए वर्तमान सामाजिक स्थिति पर प्रकाश डाला।. इस अवसर पर दिलीप घोष, सुकांत मजूमदार और अन्य भाजपा नेता मौजूद थे। दिलीप घोष ने कहा कि बांग्लादेश के हालात से वहां के लोग काफी चिंतित हैं, उन्हें चिंता है कि वे कैसे जिएंगे। हमें इस बैठक को आयोजित करने में बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। मामला अदालत तक पहुंच गया। अंततः अनुमति मिल गई। इस बारे में पूछे जाने पर दिलीप घोष ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ विभिन्न बाधाओं को पार करते हुए 100 वर्षों से देश के निर्माण के लिए काम कर रहा है। ऐसी छोटी-मोटी बाधाएं कोई समस्या नहीं हैं।









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