बर्दवान (पीबी टीवी ) : पूर्व भारतीय क्रिकेटर और "कलकत्ता के राजकुमार" सौरव गांगुली बर्दवान विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम हॉल में विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति शंकर कुमार नाथ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सौरव गांगुली ने कार्यक्रम में छात्रों के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के उतार-चढ़ाव, अपनी सफलता के पीछे की कड़ी मेहनत और पारिवारिक जीवन के अनुभवों को खुलकर साझा किया। उन्होंने कहा, "कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। भले ही किस्मत की बात की जाती है, लेकिन वह भी कड़ी मेहनत से ही मिलती है।"
एक सवाल के जवाब में सौरव ने कहा कि उनका जीवन कभी आसान नहीं रहा। भारतीय टीम में मौका मिलने से लेकर कप्तान बनने तक, उन्हें हमेशा अच्छा प्रदर्शन करना पड़ा और साथ ही भारी दबाव भी झेलना पड़ा।
होस्ट तूलिका के सवाल के जवाब में सौरव ने कहा, "सफल होने के लिए आपको अपने पेशे के प्रति प्यार और प्रतिबद्धता रखनी होगी। आलोचना तो होगी, लेकिन अंत में कड़ी मेहनत रंग लाती है।"
एक छात्रा ने पूछा, बचपन में उसे क्या पसंद था? सौरव ने मुस्कुराते हुए कहा, "मेरा बल्ला और गेंद मेरे पसंदीदा साथी थे।"
इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने सौरव गांगुली का सम्मान किया और उन्हें एक विशेष चित्र भेंट किया। इस कार्यक्रम में पूर्वी बर्दवान की जिला मजिस्ट्रेट आयशा रानी ए और पुलिस अधीक्षक सायक दास उपस्थित थे।
अंत में सौरव ने छात्रों से कहा, "यदि कोई काम प्रेम से किया जाए तो सफलता अवश्य मिलेगी।" इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षक भी उपस्थित थे और छात्रों का उत्साह स्पष्ट था।

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