कोलकाता (पीबी टीवी ) : खुद को जमीन का मालिक बताकर फर्जी दस्तावेज बनाकर किसी और की जमीन बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है । जमीन के असली मालिक ने अपनी पुश्तैनी जमीन वापस पाने के लिए राजारहाट पुलिस थाने में गुहार लगाई है। शिकायत मिलने के बाद राजारहाट पुलिस स्टेशन ने जमीन धोखाधड़ी गिरोह से चार लोगों को गिरफ्तार किया। सभी को राजारहाट के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम हैं अनूप साव, शाहजहां अली, कौशिक मुखर्जी (राजरहाट इलाके के तीन निवासी) और बाबुल हुसैन (भानगढ़ के पोलेरहाट निवासी) है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, राजारहाट जगदीशपुर इलाके के निवासी प्रदीप घोष नामक व्यक्ति ने इसी महीने की 14 जनवरी को राजारहाट थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें कहा गया था कि राजारहाट जगदीशपुर इलाके में उनके पास 21 प्लॉट जमीन है, जिसका बाजार मूल्य लगभग 2 करोड़ रुपये है। अपनी जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए राजारहाट बीएलआरओ कार्यालय जाते समय उन्हें पता चला कि उनकी जमीन बेच दी गई है। जमीन का मालिक कोई और है। जब प्रदीप घोष को एहसास हुआ कि उनकी जमीन को धोखाधड़ी से बेचा गया है, तो उन्होंने राजारहाट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड समेत समेत जमीन का फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जमीन बेची गई है। शिकायत के आधार पर राजारहाट पुलिस स्टेशन ने जांच शुरू की और बुधवार शाम को सबसे पहले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ की गई और तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी मोहम्मद कुर्बान (जो खुद को ज़मीन का मालिक बता रहा था) अभी भी लापता है। पुलिस को यह भी संदेह है कि इस ज़मीन धोखाधड़ी गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। आज गिरफ्तार किए गए चार लोगों को बारासात अदालत में पेश किया गया. पुलिस गिरफ्तार लोगों को हिरासत में लेकर मुख्य आरोपी तथा इस गिरोह के अन्य लोगों की तलाश करेगी। सूत्रों के अनुसार गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि जमीन 2.12 करोड़ रुपये में बेची गई थी।

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