जामुड़िया-इकडा के शेखपुर स्थित मान स्टील कारखाने में कार्यरत श्रमिक सोनू सिंह की मंगलवार को एक भारी लोहे के गिरने से मौत हो गई.इस घटना के बाद से कारखाने में मातम छाया हुआ है और श्रमिक संगठन मुआवजे और नौकरी की मांग कर प्रदर्शन किया.
सोनू सिंह आसनसोल उत्तर थाना क्षेत्र के गिरमिट दस नम्बर कोलियरी के रहने वाले थे और मान स्टील में ठेकेदार के अंतर्गत काम करते थे.मंगलवार की रात हुई इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें पहले आसनसोल जिला अस्पताल और फिर दुर्गापुर के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया था, जहां बुधवार की रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस का श्रमिक संगठन और नगर निगम के बोरो तीन के चेयरमैन उत्पल सिन्हा कारखाने पहुंचे और मृतक के परिवार से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि इस घटना के लिए कारखाना प्रबंधन पूरी तरह से जिम्मेदार है. उन्होंने मांग की है कि मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाए. श्रमिक संगठन का आरोप है कि कारखाने में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं जिसके कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं. उन्होंने कहा कि सोनू सिंह की मौत भी कारखाना प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुई है.
काफी देर पश्चात कारखाना परिसर में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया कि मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये दिए जाएंगे, वहीं परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और परिवार के किसी सदस्य को नौकरी दी जाएगी.
इस घटना के बाद श्रम विभाग ने कारखाने में जांच शुरू कर दी है. श्रम विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि हादसा कैसे हुआ और क्या कारखाना प्रबंधन की ओर से कोई लापरवाही बरती गई है. इस हादसे के बाद कई सवाल उठ रहे हैं.क्या कारखाने में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं? क्या श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं? क्या कारखाना प्रबंधन श्रमिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर है? इन सवालों के जवाब तभी मिल पाएंगे जब श्रम विभाग की जांच पूरी हो जाएगी.
वहीं मान स्टील में हुई इस घटना ने एक बार फिर कारखानों में सुरक्षा के मुद्दे को उठा दिया है. यह जरूरी है कि सभी कारखाने मालिक श्रमिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें और सरकार भी इस मामले में सख्त कदम उठाए.


0 टिप्पणियाँ