तीराट अंचल में ओसीपी निर्माण को लेकर ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन
- तीराट अंचल में ओसीपी निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन
- ग्रामीणों का कहना है कि ओसीपी से गांव को नुकसान होगा
- कंपनी का दावा है कि गांव को कोई नुकसान नहीं होगा
- कोल इंडिया ही ओसीपी निर्माण का अंतिम फैसला लेगा
- ग्रामीणों ने कंपनी से कई सुविधाएं देने की मांग की है
जामुड़िया-तीराट अंचल में रश्मि ग्रुप द्वारा ओसीपी निर्माण करने की योजना को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष है. चेलोद कुमारडीहा तीराट अंचल सुरक्षा समिति के बैनर तले बुधवार को स्थानीय लोगों ने कंपनी के कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने क्षेत्र में ओसीपी का निर्माण नहीं होने देंगे.
नारायण कुड़ी की तरह यहां भी नहीं चाहते परेशानी
ग्रामीणों ने कुनुस्टोरिया एरिया अंतर्गत चलने वाली नारायण कुड़ी में ओसीपी के कारण उत्पन्न समस्याओं का हवाला देते हुए कहा कि वे इस क्षेत्र में ऐसी ही स्थिति नहीं बनने देना चाहते.उन्होंने कंपनी के अधिकारियों से कई सवाल पूछे, जिनमें सबसे प्रमुख सवाल था कि जब कंपनी एक ही है तो विभिन्न नामों से क्यों काम किया जा रहा है.
ग्रामीणों ने कंपनी से एंबुलेंस और मेडिकल कैंप की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है.
कंपनी का दावा: गांव को कोई नुकसान नहीं
कंपनी के अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की कि ओसीपी के निर्माण से गांव को कोई नुकसान नहीं होगा और प्रोजेक्ट गांव के बाहर ही होगा. उन्होंने नारायण कुड़ी की स्थिति के लिए दूसरी कंपनी को जिम्मेदार ठहराया.
रश्मि ग्रुप के सीनियर मैनेजर का बयान
रश्मि ग्रुप के सीनियर मैनेजर संदीप चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों ने ओसीपी निर्माण से होने वाले लाभ और हानि के बारे में जानकारी मांगी थी. उन्होंने कहा कि प्रबंधन उच्च अधिकारियों से बात करके जल्द ही ग्रामीणों को जवाब देगा.
संदीप चौधरी ने ग्रामीणों पर यह आरोप लगाने से इनकार किया कि कंपनी उन्हें अंधेरे में रखकर काम कर रही है.उन्होंने कहा कि कंपनी ने ग्रामीणों के साथ कई बार बैठकें की हैं और उनकी बातों को सुना है.
ओसीपी निर्माण का फैसला कोल इंडिया का
संदीप चौधरी ने स्पष्ट किया कि ओसीपी निर्माण का अंतिम फैसला कोल इंडिया करेगा और कंपनी का स्थानीय प्रबंधन इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं कर सकता.
तीराट अंचल में ओसीपी निर्माण को लेकर ग्रामीणों और रश्मि ग्रुप के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है. ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन और कंपनी के अधिकारियों के आश्वासन के बीच यह मामला अभी भी अनिश्चित है. आने वाले समय में इस मामले में क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा.









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