कोलकाता: पश्चिम बंगाल हिंदी अकादमी ने हाल ही में आयोजित काव्य सरिता में हिंदी साहित्य को एक नई ऊंचाई दी। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ और युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अनुभवी कवियों का जलवा: कार्यक्रम में वरिष्ठ कवि रावेल पुष्प ने अपनी कविताओं से श्रोताओं को भावविभोर किया। उन्होंने साहित्य और संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। राजस्थान सरकार के कोलकाता सूचना केंद्र में सहायक निदेशक हिंगलाज दान रतनू जी ने भी कार्यक्रम में शिरकत की और डिंगल के कुछ छंद सुनाकर श्रोताओं का मन मोह लिया।
युवा कवियों का उत्साह: युवा कवियों ने भी इस मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डॉ. उर्वशी श्रीवास्तव ने जीवन के तीन रंगों पर अपनी कविता के माध्यम से गहरा प्रभाव छोड़ा। युवा कवयित्री सुषमा कुमारी ने लड़कियों को सशक्त बनने का संदेश दिया। गीतकार जीवन सिंह के भोजपुरी गीत ने श्रोताओं को खूब झुमाया।
साहित्य और संस्कृति का संगम: इस कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ और युवा कवियों को एक मंच पर लाकर साहित्य और संस्कृति को बढ़ावा देना था। अकादमी के कार्यक्रम समन्वयक रावेल पुष्प ने बताया कि इस तरह के कार्यक्रमों से साहित्य की भावी पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलता है।
पश्चिम बंगाल सरकार का योगदान: पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए प्रधान अतिथि हिंगलाज दान रतनू जी ने कहा कि इस तरह के आयोजन से राज्य में साहित्यिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
समापन: कार्यक्रम के अंत में अकादमी के प्रशासनिक अधिकारी श्री उत्पल पाल ने सभी अतिथियों और कवियों का धन्यवाद किया।










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