बांकुड़ा-बांकुडा शहर के नतुन चट्टी रुइदास पाड़ा के लोगों ने 182 साल पहले कोजागरी लक्ष्मी पूजा शुरू की थी. जाति धर्म का भेदभाव किए बिना इस पूजा में भाग लेते हैं अंचलवासी.
नतुन चट्टी रुइदास पाड़ा सोलह आना लक्ष्मी मंदिर कमेटी द्वारा, मूर्ति के साथ-साथ एक सुंदर स्थायी मंदिर का निर्माण भी किया गया है. कोजागरी लक्ष्मी पूजा के अवसर पर, विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों के साथ-साथ नरनारायण सेवा का भी आयोजन किया जाता है. आयोजको ने बताया कि पूजा के दिनों में भी हर घर में रिश्तेदारों की भीड़ लगी रहती है. नतुन चट्टी रुइदास पारा सोलह आना लक्ष्मी मंदिर कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष प्रदीप रुइदास ने बताया की इस बार पूजा का बजट लगभग दो लाख रुपये है. उन्होंने कहा कि वे जाति-धर्म से ऊपर उठकर हर व्यक्ति से इस पूजा में शामिल होने की अपील कर रहे हैं. इस पूजा की शुरुआत 182 साल पहले जब दास पाड़ा इलाके में दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता था तब छुआछूत की वजह से उनके समाज के लोगों को वहां पर प्रवेश करने नहीं दिया. इसके अलावा दुर्गा पूजा के समय उनके लोग व्यस्त रहते हैं इसलिए उनके लिए लक्ष्मी पूजा ही दुर्गा पूजा के समान है और इस समय हर घर के लोग पूजा में लगे रहते है .

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