जामुड़िया-जामुड़िया थानांतर्गत बहादुरपुर ग्राम पंचायत अधीन धसल गांव में सरकारी रिकॉर्डेड सड़क और छोटी नदी (जोर) पर कब्जा किए जाने के आरोप में स्थानीय लोगो ने बुधवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. उनका आरोप है कि खेती योग्य जमीनों पर पानी जमा होने के कारण पिछले दो साल से खेती करना संभव नहीं हो पाया है.ग्रामीणों ने स्पिनटेक तुबे प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया है. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया .
स्थानीय निवासी महेश ओझा ने बताया कि कुछ साल पहले स्पिनटेक ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों ने गांव के लोगों से जमीन की मांग की थी, उन्होंने वादा किया था कि गांव का विकास किया जाएगा और गांव के बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा, लेकिन अब कंपनी ने धसल मौजा की दो रिकॉर्डेड सड़कों, जिनमें से एक 56 नंबर नक्शे में और दूसरी 2 और 3 नंबर नक्शे में स्थित है, को पूरी तरह से बंद कर दिया है। इस कारण पड़ोसी गांवों से लोगो का संपर्क पूरी तरह से कट गया है.
इसके अलावा, गांव के उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित छोटी नदी "जोर", जो धसल, बहादुरपुर, विजय नगर और धसना मौजा के बरसाती पानी को सिंगारन नदी में पहुंचाती थी, उसे भी कंपनी ने पूरी तरह से अवरुद्ध कर दिया है. इस कारण गांव की सैकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो गई है और पिछले दो साल से इस जमीन पर खेती करना संभव नहीं हो पाया है, जिससे किसान गहरे संकट में हैं.
आंदोलनकारियों आनंद माझी, सुनील हांसदा और मनबोध रुज का कहना है कि कंपनी ने गांव के आदिवासी समुदाय के श्मशान घाट तक पर भी कब्जा कर लिया है, कंपनी ने श्मशान की जमीन पर सड़क बना दी है, जिससे अब आदिवासी समुदाय के लोग अपने मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं कर पा रहे हैं.
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी ने अपने वादे के अनुसार गांव के बेरोजगार युवाओं को नौकरी नहीं दी. इसके बजाय, उन्होंने लगभग 700 बाहरी श्रमिकों को काम पर रखा है,जब भी गांव के बेरोजगार युवक नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, तो उनसे बाहरी राज्यों का आधार कार्ड मांगा जाता है,तभी नोकरी दी जाती है,कारखाना प्रबन्धन के इस रवैये से वे नोकरी से पूरी तरह से वंचित रह जाते हैं.
ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन के विभिन्न स्तरों पर जैसे: बहादुरपुर ग्राम पंचायत के प्रधान, बीडीओ, भूमि विभाग, जामुड़िया थाना, एडीएम (एलआर), और आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय को लिखित शिकायत दी है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है.इस वजह से गांव में भारी आक्रोश पनप रहा है. ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने बिना सरकारी अनुमति के सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है.
वहीं इन आरोपों को लेकर जामुड़िया भूमि विभाग के राजस्व अधिकारी परितोष मंडल ने कहा कि नदी को किसी भी हालत में कंपनी के अंदर से नहीं ले जाया जा सकता, इस मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखा गया है. जामुड़िया के प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अरुणालोक घोष ने कहा कि उन्हें इस संबंध में एक शिकायत मिली है और मामला उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है,जबकि उन्हें नदी पर कब्जा करने के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
दूसरी और स्पिनटेक ट्यूब प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी हेमंत सिंह ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी ने कोई भी सरकारी जमीन या नदी पर अवैध कब्जा नहीं किया है, उनकी बाउंड्री के अंदर किसी ग्रामीण की भी कोई जमीन नहीं है.

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