रानीगंज-आठ सूत्री मांगों के समर्थन में बुधवार को वामपंथी श्रमिक संगठन सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन सीटू की ओर से रानीगंज रेलवे स्टेशन के समीप प्रतिवाद दिवस पालन किया गया.
इस मौके पर पुर्व विधायक रुनू दत्ता,सुप्रियो राय,हेमंत प्रभाकर,दिव्येंदु मुखर्जी,मागाराम बाउरी,मलयकांति मंडल ,हीराक गाँगुली, अशोक घोष सहित संगठन के तमाम कार्यकर्ता उपस्थित थे.
इस मौके पर नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की आर्थिक नीतियों की जमकर आलोचना की.
इस दौरान दिव्येंदु मुखर्जी ने कहा कि भले ही आज केंद्र में भाजपा अपने दम पर बहुमत में नहीं है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा अपनाई जा रही आर्थिक नीतियां श्रमिक वर्ग पर भारी बोझ डाल रही हैं. इन नीतियों के माध्यम से श्रमिकों के ट्रेड यूनियन करने के अधिकार छीने जा रहे हैं, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ रही है. रोजगार के नाम पर अग्नि वीर जैसी परियोजनाएं चलाई जा रही हैं.
जो अस्थाई रोजगार प्रदान करती हैं, लेकिन स्थाई रोजगार का कोई प्रावधान नहीं है.
राष्ट्रीय संसाधनों को बेचा जा रहा है, स्मार्ट मीटर के नाम पर बिजली महंगी की जा रही है.केंद्र और राज्य दोनों ही सरकारें भाजपा और टीएमसी द्वारा बिजली और दवा कंपनियों से इलेक्टोरल बॉन्ड में पैसे लिए जाने के कारण आज दवाओं और बिजली की कीमतें बढ़ रही हैं. उन्होंने नई पेंशन नीति को रद्द करके पुरानी पेंशन नीति फिर से लागू करने की मांग की.
हेमंत प्रभाकर ने भी केंद्र और राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि भले ही केंद्र में मोदी सरकार के बजाय एनडीए सरकार चल रही है, लेकिन नीतियां वही हैं. पहले की ही तरह जनता को लूटा जा रहा है और कुछ पूंजीपतियों की जेबें भरी जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली और दवाइयां महंगी हो गई हैं क्योंकि इलेक्टोरल बॉन्ड के नाम पर उनके मालिकों से पैसे लिए गए थे. बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकार को कोई परवाह नहीं है.
सीटु ने पूरे देश के साथ-साथ रानीगंज में भी इन मांगों के समर्थन में प्रतिवाद दिवस का पालन किया.


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