जामुड़िया-जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड संख्या 9 स्थित शिवडांगा एसएसआई कोलियरी से निघा बाजार जाने वाले रास्ता की मरम्मत की मांग करते हुए मुख्य सड़क को अवरोध कर घंटों विरोध प्रदर्शन किया , जिसके कारण इस रास्ते से होकर गुजरने वाले इसीएल वाहनों सहित अन्य वाहनों की आवाजाही सम्पूर्ण रूप से बंद रहा. इस बारे में जानकारी देते हुए स्थानीय ग्राम वासी ने कहा कि शिव डांगा मोड से नींघा जाने वाला रास्ता पूरा तरह से जर्जर हो चुका है, जहां-तहां गड्ढे हो चुके हैं. इन गड्ढे में बिखरे पड़े पत्थर, जब बड़े-बड़े वाहन इधर से जाते है तो उन वाहनों से पत्थर और गिट्टी टकराकर लोगों के घरों में चली जाती है ,ओर कई बार चोट भी लग जाती है. इसके विरोध में हम लोगो ने आज इस रास्ते को बंद कर विरोध कर रहे हैं .अविलम्ब अगर इस रास्ता का निर्माण नहीं हुआ तो और बड़ा आंदोलन करेंगे. इस बारे में स्थानीय निवासी राजेश मुखर्जी ने कहा कि इस रास्ते की हालत पिछले कई वर्षों से इसी तरह से खराब बनी हुई है, लेकिन इस कोलियरी के एजेंट, मैनेजर सहित किसी भी बड़े अधिकारी को इसकी कोई फिक्र नहीं है .उन्होंने कहा कि यहां के स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं को भी पता है कि इस रास्ते की हालत कितनी ज्यादा खराब है, जिससे कोड़ा पाड़ा ,माझी पाड़ा ,बावरी पाड़ा के लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. यहां पर पास ही कई कारखाने हैं, जिन कारखाने से बेहद भारी वाहन निकलकर इसी रास्ते से होकर जाते हैं .उन गाड़ियों के चक्कों के नीचे आकर बड़े-बड़े गिट्टियां छिटक कर लोगों को घायल करती हैं ,लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है. यही वजह है कि आज लोग आंदोलन कर रहे हैं .उन्होंने कहा कि इसी रास्ते से कोलियरी के बड़े-बड़े अधिकारी भी यातायात करते हैं ,लेकिन उनको यहां के लोगों की परेशानियों से उन्हें कोई लेना-देना नहीं है. उन्होंने कहा कि रास्ते की खस्ता हालत के कारण लोगों को जो परेशानी हो रही है इसका जिम्मेदार कौन है. उन्होंने साफ कहा कि अगर ऐसे ही चलता रहा और लोगों की परेशानी दूर नहीं हुई तो हो सकता है कि यहां के लोग आने वाले लोकसभा चुनाव का बहिष्कार भी कर सकते है. वही गांव की एक महिला आरती बावरी ने कहा कि रास्ते की जर्जर हालत की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है .अक्सर लोग चोटिल हो जाते हैं, बच्चों को लेकर रास्ते पर निकलना मुश्किल हो जाता है. उन्होंने बताया कि पहले यहां पर नलों में पानी नहीं आता था, लेकिन स्थानीय महिलाओं द्वारा विरोध करने के बाद वह समस्या दूर हुई लेकिन सड़क की समस्या दूर नहीं हो रही है. उन्होंने यहां के कोलियरी के सभी बड़े अधिकारियों से मांग की कि वह यहां पर आए और स्थानीय ग्रामीणों के साथ बैठकर इस समस्या का समाधान निकालें, वरना उनके आंदोलन और बड़े पैमाने पर होगा.


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