रानीगंज ---रानीगंज कोयलांचल के डायबिटिक के मरीजों को डायबिटीज के बेहतर इलाज मिले. इस बात को को ध्यान में रखते हुए रानीगंज लायंस क्लब द्वारा लगभग एक करोड रुपए की लागत से रानीगंज लायंस रामावतार बाजोरिया मेमोरियल डायबीटिक केयर सेंटर की स्थापना की गई थी, पर 2 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी आज भी यह डायबीटिक सेंटर मरीज के इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए इंतजार करती नजर आ रही है.इसका मुख्य कारण माना जा रहा है,क्लब के पदाधिकारियों की उदासीनता. ज्ञात रहे की रानीगंज लायंस क्लब के द्वारा लगभग 70 लाख ,जबकि रानीगंज के विशिष्ट समाजसेवी स्वर्गीय राम अवतार बाजोरिया के सुपुत्रों ने ₹ 25 लाख रुपए इस डायबीटिक सेंटर के निर्माण के लिए प्रदान किया था .वर्ष 2022 के 24 सितंबर को लायंस क्लब इंटरनेशनल के उपाध्यक्ष अरविंदर पाल सिंह ने इस डायबीटिक सेंटर का उद्घाटन किया था. उस समय यह घोषणा की गई थी कि इस डायबीटिक सेंटर के माध्यम से इस कोयला आंचल के लोगों को मधुमेह जैसे गंभीर रोग के इलाज के लिए अब शायद दूसरे शहरों में संभवत जाना नहीं पड़ेगा. इस डायबीटिक केयर सेंटर में ब्लड शुगर के तमाम समस्याओं का इलाज की जाएगी एवं साथ ही साथ यहां किडनी के मरीजों की डायलिसिस की भी व्यवस्था की जाएगी, पर 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी इस डायबीटिक सेंटर के चालू न होने से लायंस क्लब के सदस्यों में हताशा तो है, वही डायबीटीज के मरीजों को भी ना उम्मीद होनी पड़ रही है. इस संबंध में रानीगंज लायंस क्लब के वर्तमान अध्यक्ष दिलीप सिंह का कहना है कि यह डायबीटिक सेंटर अगले माह से आरंभ हो जाएगी . इस डायबीटिक सेंटर में फिलहाल ओपीडी सेवा चालू की जाएगी, जिसमें रानीगंज शहर के प्रसिद्ध चार चिकित्सा यहां इलाज करेंगे. डायबीटीज के मरीजों को जांच के लिए ₹200 शुल्क लिए जाएंगे. उन्होंने उम्मीद जताई है कि इस डायबीटिक सेंटर के के थोड़ी सी गति मिलने पर यहां 24 घण्टा नियमित इलाज की व्यवस्था कर दी जाएगी . दिलीप सिंह का कहना है कि शुगर के मरीजों के लिए जो मशीनरी की आवश्यकता है उस मशीनरी के लिए भी लायंस क्लब आफ रानीगंज ने राशि की योजना भी बना ली है. हालांकि बना ली है . उन्होंने बताया कि अस्पताल के चलाने के लिए रानीगंज लायंस आई अस्पताल के प्रभारी सुनील गणेरीवाल , मनजीत सिंह, प्रदीप बाजोरिया के अलावा प्रोजेक्ट चेयरमैन हर्षवर्धन खेतान के साथ शहर के चार चिकित्सक इलाज की व्यवस्था करेंगे, पर सवाल यह उठती है क्या मार्च माह से यहां मधुमेह के रोगियों का इलाज आरम्भ हो जाएगी,क्योंकि सूत्रों के अनुसार बीते सितंबर माह को भी इस डायबिटीक केयर सेंटर को को नवंबर माह से चालू करने की योजना बनाई गई थी एवं इसके लिए प्रचार सामग्री से लेकर सभी सामग्रियों की व्यवस्था कर दी गई थी की गई थी, पर उस बात को भी 3 माह बीत जाने के बाद भी आखिर यह चालू क्यों नहीं हो पाई है. इस संबंध में इस डायबीटिक केयर सेंटर के प्रोजेक्ट चेयरमैन हर्षवर्धन खेतान का कहना है की जल्दी ही इस इस डायबीटिक केयर सेंटर को चालू कर दी जाएगी एवं फिलहाल 2 घंटे के लिए रोजाना ओपीडी सेवा चालू की जाएगी एवं फिलहाल स्थानीय डॉक्टर यहां 2 घंटे तक मरीजों को देखेंगे, हालांकि उन्होंने यह भी आशंका जताई है की क्या इस 2 घंटे के चिकित्सकों की उपस्थिति में इस डायबीटिक केयर सेंटर को चलाना संभव हो पाएगा हालांकि उनका मानना है की सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो दक्षिण भारत के सुप्रसिद्ध एंडोक्रोनोलॉजिस्ट (मधुमेह रोग विशेषज्ञ) को भी यहां लाने की योजना है . हालांकि उद्घाटन के 2 वर्ष बीत जाने के पश्चात भी इसके चालू न होने की स्थिति को लेकर इस डायबीटीज केयर सेंटर के निर्माण के मुख्य दाता स्वर्गीय राम अवतार बाजोरिया के सुपुत्र प्रदीप बाजोरिया का कहना है कि उनके परिवार ने कोयलांचल वासियो को डायबिटिक रोग से पीड़ित लोगों को बेहतर चिकित्सा की उम्मीद से इस अस्पताल के लिए 25 लाख रुपया अनुदान दिया था ,पर बड़ा ही दुखद विषय है कि दो वर्ष बीते जाने के बावजूद भी अस्पताल की चिकित्सा सेवा आरम्भ।नहीं हुई,इससे पूरा परिवार मर्माहत है,पिताजी का सैदेव एक सपना था कि वह एक अस्पताल खोल सकें,उनके जन सेवा की भावना को देखते ही हमलोगों ने इस अस्पताल के निर्माण के लिए अनुदान दिया था. उन्होंने उम्मीद जताई की अस्पताल जल्दी ही सुचारू रूप से चालू कर दी जाएगी ,जो किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई है .उम्मीद है कि इस अस्पताल को जल्दी से चालू कर दी जाएगी, ताकि डायबीटीज के रोगी यहां से लाभान्वित हो. ज्ञात रहे की रानीगंज कोयला अंचल कोयला खनि क्षेत्र होने के कारण प्रदूषण अधिक है.लोगों के खान-पान सटीक ढंग से न होने पर के कारण यहां पर डायबिटीज मरीजों की संख्या काफी अधिक है, जिस बात को ध्यान में रखते हुए ही डायबीटिक केयर सेंटर का निर्माण की योजना की गई थी. अब देखना यह है की रानीगंज लायंस क्लब के द्वारा यह डायबीटिक केयर सेंटर अगले माह से चालू हो पाती है या नहीं.











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