रानीगंज-रानीगंज प्रखंड अंतर्गत तीराट ग्राम पंचायत अधीन हाड़ाभांगा के ग्रामीणों ने बीते रात स्थानीय सड़को एवं हाड़ाभांगा ब्रिज की दयनीय स्थिति तथा इसमें गुजरते ट्रकों से लोगो की जान का खतरा को देखते हुए फिर से विरोध प्रदर्शन किया. इस बार ग्रामीण महिलाओं ने नेतृत्व की जिम्मेवारी ली थी.इसमें हाड़ाभांगा के ग्रामीणों में कुछ तृणमूल कार्यकर्ता भी शामिल थे . प्रदर्शन के दौरान हाड़ाभांगा ग्राम मोड़ पर भारी बालू ट्रकों को रोक दिया तथा परिवहन बंद कर प्रदर्शन करने लगे. इस दौरान ग्रामीणों ने बताया कि लगभग डेढ़ वर्षो से दामोदर नदी से नदी सफाई के नाम पर बालू निकाला जा रहा है ,तथा जिस सड़क की क्षमता मात्र 10 टन की है. उस सड़क से 60 टन 70 टन के ओवरलोडेड ट्रक निकल रहे हैं. जिसकी वजह से यहां की सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है,जिसके कारण हाड़ाभांगा ब्रिज भी कभी भी टूट सकता है.बीते दिनों बालू ट्रकों से दो लोगों की मौत हो चुकी है तथा कई लोग घायल हुए हैं. हमेशा भय् बना रहता है कि कब कोई अनहोनी ना हो जाए.जिस तरह से इस सड़क से ट्रक गुजरते हैं कभी भी दुर्घटना हो सकती है,प्रतिदिन सैकड़ो ट्रक इस सड़क से गुजर रहे हैं दिन-रात ट्रैकों का आवागमन लगा रहता है. हमारे बच्चे इस सड़क से गुजरते हैं हमेशा हम लोगों को डर बना रहता है. इसकी शिकायत हम लोगों ने पुलिस, बीडीओ, जिलाशाश्क तक कर चुके हैं परंतु कोई कार्यवाही नहीं हुई है.अब हम लोग आंदोलन पर उतर चुके हैं इस सड़क से हम लोग ओवरलोडेड वाहन नहीं गुजरते देंगे. साथी हमारी मांग है कि इस जर्जर सड़क को अविलंब बनवाया जाए. हाड़ाभांगा ब्रिज का मरम्मत किया जाए अगर इस सड़क से बालू ढुलाई करना है तो सड़क को चौड़ा कर क्षमता 50-60 टन तक किया जाए. अन्यथा हम लोग ट्रकों को यहां से गुजरने नहीं देंगे .अगर कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोग जुलूस के शक्ल में जिला शासन कार्यालय तक जाएंगे एवं जरूरत पड़ी तो प्रधानमंत्री एवं राष्ट्रपति को भी इस मामले को लेकर चिट्ठी लिखेंगे.घण्टो प्रदर्शन के बाद निमचा पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुई.पुनः ग्रामीणों ने सोमवार प्रातः इसी मांग पर रास्ते का परिवहन रोक कर प्रदर्शन किया.









0 टिप्पणियाँ