जामुड़िया:ईसीएल के सातग्राम एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर विभिन्न मांगों को लेकर ज्वाइंट एक्शन कमिटी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया. इस मौके पर जीके श्रीवास्तव ,वंशगोपाल चौधरी, विनोद सिंह , गोपाल शरण ओझा, गुरदास चक्रवर्ती, चंडी बनर्जी ,जयकिसन मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित थे.इस दौरान जीके श्रीवास्तव ने कहा कि कोयला खदान प्रबंधन अपने लापरवाही के कारण ठेका मजदूरों पर थोप रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सातग्राम प्रोजेक्ट में जो आगजनी की घटना हुई है, इसमें सीधे तौर पर मैनेजमेंट की लापरवाही है ओर मैनेजमेंट ठेका मजदूर पर डाल रहे हैं उन्होंने कहा कि इस कोयला खदान में स्पॉन्टेनियस हीटिंग (खदान के भीतर आग)एक दिन में नहीं हुई है. यह एक लंबी प्रक्रिया है जिसे यहां के प्रबंधन द्वारा नज़र अंदाज किया गया, लेकिन आज इसका भुगतान मजदूरों को करना पड़ रहा है ,उनका तबादला किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रबधन के लापरवाही का भुगतान मजदूर क्यों करें .उन्होंने तुरंत इस कोयला खदान को दोबारा से चालू करने की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ईसीएल के 54 खदानों में से 27 खदानों का या तो मशीनरी करण हो चुका है या होने जा रहा है.उन्होंने मशीनीकरण का स्वागत करने की बात कहते हुए कहा कि समय के साथ-साथ यह जरूरी है जिससे उत्पादन में बढ़ेगा लेकिन उन्होंने इस बात पर आशंका जताई कि मशीनीकरण के साथ ही स्थाई श्रमिकों के बजाय ठेकेदारों के जरिए काम करवाया जाएगा. यह एक षड्यंत्र है जिसके जरिए कोयला उद्योग के निजीकरण की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी यह कभी नहीं होने देगी. काँटागोड़िया के बगल ओसीपी में क्यों इतना ब्लास्टिंग होगा, जिसके कारण आसपास ग्राम के घरों में क्षति हो रही है ,इसे हमलोग कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे.


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