रानीगंज-दीपावली से 2 दिन पहले धनतेरस का त्यौहार मनाया जाता है .कल पूरे देश के साथ-साथ कोयलांचल रानीगंज में भी धूमधाम से धनतेरस के अवसर पर दुकानदारों ने अपनी अपनी दुकानें सजा लिया है. लोग भी बाजारों में जाकर खरीदारी के रूप में कोई सोने के गहने खरीदे तो कोई पीतल के बर्तन तो कोई दीपावली पर लक्ष्मी गणेश की मूर्ति तो कोई दो पहिया या चार पहिया वाहन तो कोई अपनी क्षमता के अनुसार कम से कम एक छोटे से छोटे स्टील के बर्तन तो कोई काम से कम एक झाड़ू भी खरीदे . ग्राहकों का कहना है कि वह एक निश्चित दुकान से ही सामान खरीदना पसंद करते हैं क्योंकि उसे दुकान के साथ उनके लंबे समय से एक रिश्ते सा जुड़ाव हो जाता है .लक्ष्मी गणेश की मूर्तियों के अलावा धनतेरस पर गहनों की खरीदारी करना शुभ समझा जाता है.रानीगंज के बड़ा बाजार स्तिथ श्री ज्वेलर्स के मालिक जगन्नाथ पाल ने कहा कि हर साल की तरह इस साल भी धनतेरस पर लोग आभूषणों की खरीदारी के लिए आर्डर देने आ रहे हैं .उनका कहना है, कि लॉकडाउन के समय 2 साल बिक्री पर काफी असर पड़ा था ,लेकिन इस साल को उम्मीद है कि धनतेरस पर भारी संख्या में लोग आएंगे और खरीदारी करेंगे उन्होंने कहा कि सोने चांदी के आभूषणों की मांग हमेशा बनी रहती है. ग्राहक चांदी के सिक्के भी खरीदते है जो ₹800 से 1000 रुपये के अंदर मिल जाते हैं.वहीं सोने के भाव आज 58 हजार 300 रुपये है.सभी हॉलमार्क के ही आभूषण का ऑर्डर है जो धनतेरस के दिन डिलीवरी लेंगे.
बर्तन के दुकान पाल बासनालय के मालिक राज कुमार पाल ने बताया कि तीन वर्षों के पश्चात इस बार काफी अच्छी बाजार होने की उम्मीद है.पीतल ,स्टील के छोटे बड़े बर्तन स्टॉक कर लिए गए है,लोग सामर्थ्य के अनुसार कम से कम एक स्टील के चमच्च भी जरूर खरीदते हैं.इसके अलावा बाजार में झाड़ू की खूब बिक्री होती है,झाड़ू विक्रेता दीपंकर दास ने बताया कि लोग परम्परा के अनुसार अपने घरो के लिए एक झाड़ू जरूर खरीदते है.माना जाता है की झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी का आगमन होता है ,बाजार में झाड़ू ₹10 से लेकर ₹100 का भाव में बिक रही है.



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