रानीगंज-साल भर के इंतजार के बाद इस वर्ष एक बार फिर से पूरा बंगाल मां दुर्गा की आराधना में लीन हो गया । लेकिन मंगलवार को मां दुर्गा पूजा की विजया दशमी हो गई . मां के जाने का समय हो गया.कोयलांचल शिल्पांचल के विभिन्न पुजा पंडालों में भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे और मां दुर्गा की अर्चना की. आज शहर के विभिन्न पूजा पंडाल में दशमी के अवसर पर महिलाओं की भारी तादाद उमड़ी . प्रथा के अनुसार आज दशमी के दिन मां के वापस जाने से पहले सुहागिन महिलाएं मां को सिंदूर लगाकर विदा करती हैं . इसके बाद यह सुहागिन महिलाएं आपस में भी सिंदूर खेलती हैं . माना जाता है कि मां के चरणों में लगाए गए सिंदूर को लगाने से पुण्य मिलता है ,महिलाएं सौभाग्यशाली होती हैं उनके परिवार पर कोई विपत्ति नहीं आती. सुबह से ही शहर के विभिन्न पुजा पंडालों में बड़ी संख्या में महिलाएं जुटीं और उन्होंने सिंदूर खेल खेला . उन्होंने सबसे पहले सिंदूर से मां दुर्गा की प्रतिमा के चरणों को रंग दिया इस दौरान पूजा अर्चना भी की गई. इसके बाद महिलाओं ने एक दूसरे को सिंदूर लगाया.इस दौरान इन महिलाओं की आंखों में नमी भी देखी गई क्यूंकि कुछ ही पलों बाद मां की विदाई जो हों जाएगी और फिर से एक साल का इंतजार करना होगा.












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