रानीगंज-ईसीएल के नारायणकुडी में बुधवार दोपहर को हुए हादसे के बाद गुरुवार आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पाल रानीगंज थाना के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ धरना पर बैठी . उन्होंने मृत व्यक्तियों के लिए 5 -5 लाख रुपए मुआवजे की मांग प्रशाशन से की .उन्होंने कहा कि कुल सात लोगों की जान गई है,जबकि प्रशासन द्वारा मौत के आंकड़ों को कम कर के दिखाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि प्रशासन कह रही है कि सिर्फ एक व्यक्ति की मौत हुई है. प्रशासन तथा ईसीएल द्वारा झूठ बोला जा रहा है.विधायक ने साफ कहा राज्य सरकार लोगो को काम नहीं दे पा रही है,भूखमरी के कारण जान हथेली पर रखकर वह लोग परित्यक्त खदान में कोयला काटने जा रहे है,जबकि पुलिस ,सीआईएसएफ, ईसीएल प्रबन्धन इसके लिए दोषी है. श्रीमती पॉल ने कहा कि जिसने भी गलत काम किया है, उसे बख्शा नहीं जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने कहा कल रात जब वह घटना स्थल पर आना चाहती थी तो पुलिस द्वारा कहा गया था घटना स्थल पर कोई नहीं है,वह सीधा पुलिस स्टेशन ही आ जाएं, लेकिन जब वह घटनास्थल पर गईं तो देखा कि सारे लोग वहीं पर हैं, रात को जब खदान और रास्ते पर विरोध प्रदर्शन कि तो विद्युत काट दिए गए. उन्होंने कहा की ईसीएल के कुछ अधिकारी इस पूरे गोरखधंधे में लिप्त हैं .वह अवैध कोयला उत्खनन को बढ़ावा देते हैं, उन्होंने कहा कि भले ही वह इस क्षेत्र की विधायक है लेकिन उनको पता नहीं था कि इस तरह की गैर कानूनी काम यहां पर चल रहा है. बालू के खिलाफ भी उन्होंने हाल ही में आंदोलन किया था. उन्होंने साफ कहा वह कतई गलत काम बर्दाश्त नहीं करेंगी . विधायक ने कहा कि पुलिस कह रही है ,कि सिर्फ तीन लोगों की मौत हुई है .जबकि सच्चाई यह है कि 7 लोगों की मौत इस घटना में हुई है. उन्होंने उन सातों व्यक्तियों के नाम बताए वह है सागर रुईदास ,तपन रुईदास, सुरजीत शेख ,दानिश रुईदास, बीभु बाउरी, उज्जवल गोराई, जय बाउरी .इनमें दो लोग बाहर के है,जबकि 5 लोग बल्लभपुर के ही रहने वाले है. विधायक ने कहा के भले कोयला केंद्र के कोयला मंत्रालय अधीन आता है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है ना खाऊंगा ना खाने दूंगा ,और उन्हें के आदर्शों पर चलते हुए वह यहां पर भी किसी को किसी प्रकार के भ्रष्टाचार में सम्मिलित होने नहीं देगी और हर भ्रष्टाचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.









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