आसनसोल : आसनसोल कंबल कांड में पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी बुधवार को आसनसोल जिला अदालत में हाजिर हुए। अब इस मामले में अगली सुनवाई 15 दिसंबर को होगी। इसके पहले उन्होंने मीडिया कर्मियों से बात करते हुए आसनसोल में प्रवेश न करने देने के लिए उन्होंने टीएमसी को दोषी ठहराया।उन्होंने कहा कि तृणमूल की दया है कि मुझे आसनसोल छोड़कर रहना पड़ रहा है और बार-बार अदालत आना पड़ रहा है।यहां बालू, कोयला, लोहा चोर घूम रहे हैं। उनसे उन्माद नहीं फैल रहा है। जबकि पूर्व मेयर से उन्माद फैल रहा है ।वहीं पूर्व मेयर ने विधायक तापस बनर्जी और पार्षद अशोक रुद्र के बीच हुई टकराहट पर चुटकी लेते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के लोगों में आपसी गुटबाजी लेन-देन को लेकर चरम पर है। विधायक तापस बनर्जी और पार्षद अशोक रूद्र में कल जो बयान बाजी हुई है। यह हिस्सेदारी की लड़ाई है। हिस्सेदारी 50-50 का होगा ना 70-30 का। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि यह लोग नाटक कर रहे हैं। कोलकाता में रंग कर्मियों को जो पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार इन लोगों को देना चाहिए था। वही ईडी के बुलावे पर मंत्री मलय घटक को दिल्ली नहीं जाने के प्रश्न पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि वे हमारे बड़े भाई हैं।इस संबंध में मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। गौरतलब है कि बीते वर्ष 2022 दिसम्बंर में 27 नंबर वार्ड के भाजपा पार्षद चैताली तिवारी के द्वारा 27 नंबर वार्ड में महा कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कंबल वितरण के दौरान भगदड़ मच गई थी। जिसमें कुचले जाने के कारण 3 की मौत हो गई थी। जिसमें चैताली तिवारी, जितेंद्र तिवारी समेत 11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।इस मामले में जितेंद्र तिवारी, चैताली तिवारी और गौरव गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में राहत के लिए अर्जी लगाई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पहले ही आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने जितेंद्र तिवारी को यमुना एक्सप्रेसवे से गिरफ्तार कर लिया था। जिसके कारण जितेंद्र तिवारी को 9 दिन जेल ने रहना पड़ा। इसके बाद जितेंद्र तिवारी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने जितेंद्र तिवारी को इस शर्त पर जमानत दी कि वह आसनसोल नगर निगम इलाके में नहीं रहेंगे और इस मामले की सुनवाई में वह अदालत में उपस्थित होंगे। उच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए जितेंद्र तिवारी आसनसोल के बाहर रह रहे हैं। जिसकी आज तारीख थी। इसलिए आज वे अदालत में हाजिर हुए। वही इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने चैताली तिवारी और गौरव गुप्ता को अग्रिम जमानत दी है। इस विषय पर आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि कानून सबके लिए एक है। कानून के हिसाब से जो आदेश होगा। उस सब को मानना होगा। इसमें तृणमूल का क्या बात है। जितेंद्र तिवारी आसनसोल के वशींदा है। वह आसनसोल आ जा भी सकते हैं। कानून के आगे कुछ नहीं है।









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