रानीगंज-रानीगंज प्रखंड अंतर्गत तीराट ग्राम पंचायत के में एक और उम्मीदवार द्वारा बिना हस्ताक्षर के नामांकन वापस ही जाने को लेकर अब माकपा की तरफ से बुधवार को रानीगंज बीडीओ कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया . इसके उपरांत उन्होंने रानीगंज के बीडियो अभीक बनर्जी से मुलाकात की और रानीगंज में तीराट ग्राम पंचायत के छह नंबर पंचायत में उनके प्रत्याशी विकास चंद्र माजी के नामांकन वापसी के मुद्दे को उठाया. इनका कहना है कि जब उन्होंने अपना नामांकन वापस लेने के लिए किसी दस्तावेज पर दस्तखत ही नहीं किया था, तो उनका नामांकन कैसे वापस हो गया. इस बारे में माकपा नेता सुप्रियो राय ने बताया की पंचायत समिति नंबर 6 से उनके पार्टी की तरफ से विकास चंद्र माजी को प्रत्याशी बनाया गया था ,नामांकन वापसी के आखिरी दिन यानी 20 तारीख को पार्टी को पता चला कि उनका नामांकन वापस हो गया है .जब उन्होंने इस बारे में विकास चंद्र मांझी को पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना नामांकन वापस नहीं लिया है, और उन्होंने किसी भी दस्तावेज पर दस्तखत नहीं किया है इसके उपरांत उन्होंने पार्टी की तरफ से 21 तारीख को बीडियो आसनसोल में डिस्ट्रिक्ट रिटर्निंग ऑफिसर तथा राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखा और इस मामले की शिकायत की इसके बाद फिर से 26 तारीख को पत्र लिखा गया, लेकिन बड़े अफसोस की बात है कि आज तक उन पत्रों का कोई जवाब नहीं आया. इसी को लेकर आज उन्होंने रानीगंज के बीडियो से मुलाकात की और उनसे मांग की कि विकास चंद्र माजी को चुनाव लड़ने से वंचित ना किया जाए लेकिन यह बड़े अफसोस की बात है कि बीडियो सत्ता पक्ष के हितों की रक्षा के लिए प्रयास करते नजर आए माकपा नेता ने कहा कि बीडियो द्वारा उनको ऐसा कोई सबूत नहीं दिखाया जा सका जिससे यह साबित हो सके कि विकास चंद्र मांझी ने अपना नामांकन वापस लिया है उन्होंने कहा कि इस बीडियो के रहते यहां पर निष्पक्ष पंचायत चुनाव संभव नहीं है वही जब हमने इस बारे में रानीगंज के बीडियो अभीक बनर्जी से बात की तो उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में भी यह मामला आया है उन्होंने कहा कि नामांकन वापस लेने की तारीख गुजर जाने के बाद इस मामले को लेकर शिकायत दर्ज की गई अगर उससे पहले भी की जाती तो भी समझा जा सकता था उन्होंने साफ कहा कि विकास चंद्र मांझी ने खुद अपना नामांकन वापस लिया है और नियम के मुताबिक कोई प्रत्याशी जब अपना नामांकन वापस लेता है तो उसको बीडियो के पास आकर कागज पर दस्तखत करना पड़ता है और उसका एक वीडियो बनाया जाता है जिसमें प्रत्याशी यह कहता है कि वह खुद अपना नाम आकर वापस ले रहा है .ज्ञात हो कि इसी ग्राम पंचायत में एक निर्दल उम्मीदवार चिंता देवी का भी बिना हस्ताक्षर के नामांकन वापस हो जाने का मामला को लेकर हंगामा मची हुई है.वहीं इस बारे में रानीगंज के बीडीओ अभीक बनर्जी का कहना है कि इस तरह के सारे दस्तावेज और वीडियो प्रशासन के पास है इसमें कहीं कोई शक की बात नहीं है. माकपा के इस ज्ञापन सौंपने के दौरान रानीगंज के पूर्व विधायक रुणु दत्ता, हेमंत प्रभाकर, कृष्णा दासगुप्ता, सुप्रियो राय ,नारायण बाउरी सहित बड़ी संख्या में माकपा कार्यकर्ता उपस्थित थे.


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