जामुड़िया-पंचायत चुनाव में उम्मीदवार के नाम की घोषणा करने या नामांकन जमा करने के मामले में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल, से वामपंथी भाजपा या कांग्रेस काफी आगे रही. इतना ही नहीं तृणमूल कांग्रेस खेमा नामांकन के बाद निर्दलीय प्रत्याशी की उम्मीदवारी से भी काफी असहज महसूस कर रहे है. दीवार लेखन को लेकर आपस में गुटबाजी परिलक्षित हो रही है. ऐसा ही एक नजारा जामुड़िया के चिचुरिया ग्राम पंचायत के डंगालपारा में देखने को मिली.अब सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या सत्ता पक्ष इस पंचायत चुनाव में बेहद असंगठित है . अगर अभी ऐसा ही है तो चुनाव के दिन राज्य की सत्ताधारी पार्टी क्या करेगी?
मिली जानकारी के अनुसार चिचुरिया ग्राम पंचायत से राजेन बाउरी प्रत्याशी बने हैं,लेकिन रात के अंधेरे में रंग-बिरंगी दीवार लेखन पूरे ग्राम में दिख रहा है ,वह भी किसी चुमकी हंसदा के नाम से.इसमें तृणमूल प्रत्याशी के तौर पर उसे वोट करने की गुजारिश की गई है. इस नाम को देखकर जाहिर है तृणमूल प्रत्याशी राजेन बाउरी आसमान से गिर पड़े,अब सवाल यह उठता है क्या उनका नाम रातोरात हटा दिया गया? क्यों अन्य नाम डाल दिया गया है? इस घटना से उस इलाके के पूर्व प्रधान एवं पार्टी कार्यकर्ता भी पेशोपेश में हैं. हालांकि पूछताछ करने पर पता चला कि चुमकी हांसदा भी समिति की उम्मीदवार हैं, लेकिन उस गांव से नहीं. गलती से चिचुरिया गांव की दीवार पर लिख दिया गया है,और यही बेचैनी का कारण है.आशंका जताई जा रही है कि सत्ता पक्ष के इस गलत दीवार लेखन में चिचुरिया गांव के निवासी भ्रामक प्रचार का शिकार हो सकते हैं. उनके मुताबिक अगर इस गलती को जल्द नहीं सुधारा गया तो इसका असर मत पेटी पर पड़ेगा. उधर विपक्ष उपहास करते हुए कह रहे है , तृणमूल कांग्रेस पार्टी गुंडों की एक वास्तविक गिरोह में बदल गई है,उन्हें होमवर्क से कोई मतलब नहीं है,यह उसकी वजह से हुआ.
दूसरी और उम्मीदवार राजन बाउरी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है,इसे जल्द पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं से बात कर ठीक कराया जाएगा.
वहीं पंचायत के पूर्व प्रधान विश्वनाथ सांगुई ने कहा कि यह नहीं होना चाहिए था.वह मामले की जानकारी लेंगे.
जबकि सीपीएम नेता सुकुमार सांगुई व्यंग्यात्मक तरीके से बताया कि इससे साबित होता है कि तृणमूल कांग्रेस चोरी और उगाही में लगी है. कौन और कहां प्रत्याशी बन रहा है, इसे लेकर उन्हें कोई सरदर्द नहीं है.


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