रानीगंज : काफी खींचातानी के बाद आखिरकार रानीगंज ब्लॉक में तृणमूल कांग्रेस ने अपनी लिस्ट तैयार कर ली. इसके बाद तृणमूल प्रार्थियों के नामांकन का रास्ता साफ हो गया.नामांकन के पांचवे दिन रानीगंज ब्लॉक कार्यालय में प्रार्थीयों की भीड़ दोपहर तक ना के बराबर थी. दोपहर 2:00 बजे के बाद तृणमूल प्रार्थियों की भीड़ जुटने लगी. दोपहर से पहले भाजपा एवं सीपीएम के कुछ बचे खुचे उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र जमा किया. इसके अलावे तृणमूल के रोटीबोटी इलाके के कुछ प्रार्थियों अपना नामांकन जमा किया. तृणमूल कांग्रेस के लिस्ट में कुछ चर्चित नामों में जिला परिषद से इस बार सुभद्रा बाउरी के जगह पर तिराट, रोटीबाटी एवं जेमेरी से स्वरूप बनर्जी जबकि आमरासोता, बल्लभपुर एवं एगरा से सुभद्रा बाउरी को टिकट मिला है. रानीगंज पंचायत समिति के वर्तमान अध्यक्ष विनोद नोनिया को पंचायत समिति से फिर से टिकट मिला है.इसके अलावे पंचायत समिति के अन्य नामों में समाप्ति पांजा, रीना सोरेन, प्रकाश नोनिया, अनिता कुमारी सिंह, नंदिनी बिंद, लखन बाउरी, मोहम्मद साबिर, रीना दास, अशोक हेला, दीपा मंडल, तरुण मंडल, अजीत बाउरी, चांदना वाद्यकर, चैना कर्मकार, कीनू बाउरी है.इस बार तृणमूल ने कई नए प्राणियों को मैदान में उतारा है जिसकी वजह से पुराने कर्मियों में नाराजगी देखी गई. तृणमूल प्रार्थियों के लिस्ट में देरी के प्रश्न पर आसनसोल दक्षिण ग्रामीण ब्लॉक के तृणमूल अध्यक्ष देव नारायण दास ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्रार्थीयों को चुना गया है. चुनाव का मतलब तृणमूल कांग्रेस के लिए एक उत्सव है. तृणमूल कांग्रेस का प्रत्येक कर्मी 365 दिन मैदान में रहकर कार्य करते हैं.हमारे प्रत्येक कर्मी प्रार्थी होने के योग्य हैं. इसलिए तृणमूल ने जनता के वोट के माध्यम से अपने प्रार्थियों को चुना है. साधारण जनता का वोट लेकर कैंडिडेट को चुना गया. ज्यादातर नए प्रार्थीयों ज्यादातर को टिकट देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि कई सीटों को कास्ट वाइज बांटा गया है.कोई एससी है कोई एसटी है ,कोई ओबीसी है ,कोई महिला रिजर्व है, जिसकी वजह से कई पुराने प्रार्थियों को टिकट नहीं मिल पाई है यहां पुराने एवं नए प्रार्थीयों की कोई बात नहीं है. जनरल, एससी, एसटी सीटों की वजह से कहीं-कहीं पर प्रार्थी बदले हैं परंतु हमारे इस में नए एवं पुराने सभी प्रार्थी हैं कई पुराने कार्यकर्ताओं को सीट नहीं मिलने से नाराज होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, किसी की भी नाराजगी सामने नहीं आई है.पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों को देने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में केंद्रीय बल रहे फिर भी हम लोगों ने जीत हासिल की. विकास को देखकर जनता ममता बनर्जी को आशीर्वाद दे रही है एवं बार-बार उन्हें मौका दे रही है. इसलिए केंद्रीय बल हो सीबीआई हो या ईडी हो जनता का आशीर्वाद हम लोगों के ऊपर है. वोटरों को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जनता विकास को वोट देती है. जिस तरह से हमारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एवं तृणमूल के महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में विकास हुआ है जनता विकास को चुनेगी.गौरतलब हो कि हालांकि नामांकन की प्रक्रिया पांच दिनों तक चली थी, लेकिन पहले दो दिनों में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा नामांकन दाखिल नहीं किया गया था. तीसरे दिन माकपा की ओर से पहले दौर का नामांकन दाखिल किया गया, जहां पहले दिन कुल 93 सीटों में से 52 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया. इसी तरह, मंगलवार को भाजपा ने आसनसोल दक्षिण के विधायक अग्निमित्रा पाल के नेतृत्व में एक विशाल रैली के साथ नामांकन दाखिल किया. इस बार तीसरे चरण में पंचायत की 93 सीटों में से 46 और पंचायत समिति की 16 सीटों में से 11 सीटों पर कुल 12 घंटे में से महज 2 घंटे में प्रत्याशियों ने अपना नाम दर्ज कराया. जबकि बुधवार को पंचायत समिति के लिए 13 फॉर्म जमा किए गए, जिनमें से 11 तृणमूल ने और दो फॉर्म सीपीएम ने दाखिल किए तृणमूल ने बुधवार को ग्राम पंचायतों की रोटिबाटी पंचायतों में 13 और माकपा 2 के फार्म जमा कराए . वहीं, एगरा में तृणमूल 8 और सीपीएम 1, तिराट में तृणमूल 12 और सीपीएम 1, जमेरी में भाजपा 3 और तृणमूल 12, बल्लभपुर में सीपीआईएम 1 ने प्रत्याशी सूची में अपना नाम दर्ज कराया है. ज्ञात हो कि पांचवें दिन तक सीपीआईएम ने 93 ग्राम पंचायत सीटों में से 64 पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 60 और सत्तारूढ़ तृणमूल ने पांचवे दिन के आखिरी दो घंटों में 46 उम्मीदवार उतारे हैं. इसी तरह पंचायत समिति की 16 सीटों में से बुधवार को पिछले दो घंटे में माकपा ने 13, भाजपा ने 12 और तृणमूल ने 11 सीटों पर प्रत्याशी उतारे.



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