रानीगंज-रानीगंज ब्लॉक के तिराट ग्राम पंचायत अंतर्गत निमचा इलाके में एक निर्दल महिला उम्मीदवार ने बिना हस्ताक्षर के उसके नामांकन वापस लेने का आरोप रानीगंज के बीडीओ पर लगाया. इससे आक्रोशित उम्मीदवार ने सारा दिन बीडीओ कार्यालय में धरना दिया. मिली जानकारी के अनुसार भुइयां पाड़ा की निवासी चिंता कुमारी जिन्होंने पंचायत चुनाव में निमचा के 17/20 नंबर बूथ से निर्दल के रूप में ग्राम पंचायत के लिए नामांकन जमा किया था, जिसके बाद स्क्रूटनी होने के बाद निर्दल प्रार्थी के रूप में उनका नाम लिस्ट ब्लॉक कार्यालय के बाहर टांगा हुआ था. परंतु इलेक्शन पोर्टल वेबसाइट पर फाइनल लिस्ट आने के बाद मंगलवार को उनका नाम साइट पर नहीं देखा गया.
निमचा के 17/20 बूथ से तृणमूल प्रार्थी विकास कुमार सिंह खड़े हैं जहां से किसी दल ने आपना प्रार्थी नहीं खड़ा किया है.सिर्फ चिंता कुमारी निर्दल प्रार्थी के रूप में नामांकन जमा किया था, परन्तु अब लिस्ट में उनका नाम नहीं होने से नियमानुसार तृणमूल प्रार्थी निर्विरोध जीत दर्ज की है.रानीगंज बीडीओ प्रशासन का कहना है कि चिंता कुमारी मंगलवार को बीडीओ कार्यालय आकर सीट को विद्ड्रा की है.विद्ड्रा पेपर पर चिंता कुमारी का हस्ताक्षर भी है.परंतु चिंता कुमारी का कहना है कि वह बीडीओ कार्यालय ही नहीं आई थी ना ही उन्होंने किसी पेपर पर हस्ताक्षर किया है,फिर किस तरह से मेरा सीट विद्ड्रा हो गया. इस विषय को लेकर चिंता कुमारी निमचा इलाके के अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ बुधवार को रानीगंज बीडीओ कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करने लगे एवं बीडीओ अभिक बनर्जी के खिलाफ नारे लगाने लगे. इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहे. बुधवार की सुबह से ही कार्यालय में बीडीओ अभिक बनर्जी अनुपस्थित रहे. चिंता देवी एवं उनके समर्थक बीडीओ का इंतजार करते रहे परंतु वह कार्यालय नहीं आए.
इस विषय में चिंता कुमारी के एक समर्थक ने बताया कि निवेदन के रूप में चिंता कुमारी ने नामांकन जमा किया था कल जब हम लोगों ने वीडियो ऑफिस का नोटिफिकेशन चेक किया गया तो देखा गया कि 17 जून को चिंता कुमारी का नामांकन सफलतापूर्वक लिया गया है एवं इसका नोटिफिकेशन बीड़ीओ कार्यालय के सूची पट्ट पर टंगा हुआ है. कल जब हम लोगों ने ऑनलाइन में चेक किया तो चिंता देवी का नाम नहीं था हमारे बीडीओ साहब ने हाई कोर्ट के निर्देश की अनदेखी करते हुए जाली हस्ताक्षर कराकर बीडीओ साहब ने नामांकन को वापस लिए हैं. हमलोग जानना चाहते हैं कि बीडीओ साहब को यह अधिकार किसने दिया कि प्रत्याशी एवं उसके प्रस्तावक नहीं आए फिर भी किस तरह से हाईकोर्ट के आदेश को धत्ता बताते हुए प्रत्याशी के नामांकन को वापस किए एवं तृणमूल प्रत्याशी को निर्विरोध जीता दिए. उन्होंने बीडीओ अभीक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसी निर्दिष्ट दल के लिए काम कर रहे हैं या सरकार का काम कर रहे हैं. एक दलित प्रत्याशी के साथ अप्रत्यक्ष रूप से अत्याचाए किया जा रहा है.बीडीओ साहब रूलिंग पार्टी की सहायता कर रहे हैं इसके पीछे किसका हाथ है यह हमें नहीं पता ना हम कुछ कहना चाहते हैं ऐसे में हम लोग जानना चाहते हैं कि किस अधिकार से वीडियो साहब ने नामांकन को हटाए हैं या रद्द किए हैं. हमारी प्रत्याशी अनेक तरह के दबाव होने के बावजूद वह लड़ना चाहती है परंतु प्रशासन द्वारा सहायता करने के बदले उसके नाम को हटा दिया है. इसके खिलाफ हम लोग ने जिला शासक को शिकायत दिया है.इस विषय पर रानीगंज के बीडीओ अभिक बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उन्होंने फोन नहीं उठाया.
वहीं दूसरी ओर चिंता कुमारी का समर्थन करने तृणमूल हिंदी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष सिंटू भुइयां बीडीओ कार्यालय पहुंचे. इस दौरान उन्होंने कहा कि हमें खबर मिली की हमारे भुइयां समाज जो कि तृणमूल को समर्थन करती है वह किसी कारणवश निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन जमा की है, परंतु उसका नाम लिस्ट से हटा दिया गया है यहां प्रदर्शन की खबर मिलने पर मैं यहां आया हूं हमें पूरा विश्वास है कि चिंता देवी मां माटी मानुष से बहुत प्यार करती है तथा तृणमूल को समर्थन करती है, परंतु किसी कारणवश वह निर्दलीय नामांकन जमा की है. चिंता देवी से इस विषय पर बातचीत चल रही है वहीं कार्यालय में बीडीओ अभिक बनर्जी के उपस्थित नहीं होने की वजह से उनसे बात नहीं हो पाई .


0 टिप्पणियाँ