जामुड़िया:–बुधवार को कोलफील्ड सप्लायर एसोसिएशन की ओर से कुनस्तोरिया एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया. यह विरोध प्रदर्शन एरिया के अभियंता गौतम घोष के समक्ष संगठन के सदस्यों ने अपनी सभी समस्या प्रस्तुत की. एसोसिएशन की ओर से दीपक त्रिवेदी ने कहा कि एकाएक जिस रूप से जेम पोर्टल को ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के अंतर्गत लागू कर दी गई है, उससे आज छोटे छोटे व्यवसाई, ठेकेदार, सप्लायर सभी बेहद परेशान हो गए हैं.उनके सामने इतना संसाधन नहीं है कि इस नियम के तहत काम को कर सकें.वहीं संस्था की ओर से प्रदीप महंती ने कहा कि हम लोगों का जीवन ज्ञापन ईसीएल में इन छोटे-छोटे सप्लाई के माध्यम से होता था. आज हम लोगों का मूल राशि भी उधारी में फंस गई है.हम लोगों की मांग है कि हम लोगों का बकाया रकम वापस की जाए और काम करने वाले ठेकेदार, सप्लायर एवं व्यवसायियों को जेम पोर्टल से मुक्त किया जाए. उन्होंने कहा कि पहले ही हमलोग ऑनलाइन पद्धति से परेशान हैं, आज जेम पोर्टल जैसे पद्धति के आने से हम लोग कहीं के नहीं रहे. मौके पर उपस्थित सभी सप्लायरो ने जेम पोर्टल का विरोध करते हुए एवं ईसीएल के साथ असहयोग की नीति अपनाते हुए सभी तरह के सप्लायर सामग्री देने से बंद करने का आह्वान किया.साथ ही अन्य जगहों से आने वाले बड़े बड़े पूंजीपतियों का सप्लायरओ के प्रति भी आक्रोश दिखाने का आह्वान किया गया. मौके पर आसनसोल के सप्लायर अनिल चौबे ने कहा कि जेम पोर्टल को जिस रूप से जबरन प्रस्तुत की जा रही है, उसे वर्तमान समय के अनुसार ईसीएल प्रबंधन अविलंब उसे स्थगित करें एवं पुराने पद्धति से स्वच्छ पूर्वक चले. उन्होंने कहा कि हम लोगों ने महामारी के समय से लेकर अति आवश्यक समय में भी कोल इंडिया को सपोर्ट किया है. कभी भी घटना या दुर्घटना घटी है, हम लोग बिना हिचकिचाहट के सामग्री दी है, लेकिन जिस तरह से प्रबंधन कार्रवाई शुरू की है हम लोग के पेट पर सीधे तौर पर मार पड़ी है. हमलोग वर्तमान में सभी ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड के महाप्रबंधक कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे एवं उसके बाद हम लोग जन आंदोलन करेंगे. वहीं स्थानीय सप्लायर एवं संस्था के संयोजक प्रदीप महंतों ने कहा कि इस प्रक्रिया को जबरन हम लोगों के ऊपर डाला जा रहा है.इस प्रक्रिया के माध्यम से हम जैसे छोटे सप्लायर के लिए कार्य करना मुश्किल काम है.हमलोग प्रबंधन के अनुसार सप्लाई करते हैं और जो भी टेंडरिंग के माध्यम से काम मिलता है हम लोग उसे सप्लाई करते हैं. इतना ही नहीं घटना दुर्घटना जैसे गैस रिसाव से लेकर आग लगने जैसी दुर्घटनाओं पर हम लोग सप्लाई देते रहे हैं.कोरोना महामारी के समय भी हमलोगों ने खानों को बंद नहीं होने दी. जब भी आवश्यकता पड़ी हम लोग सामग्री सप्लाई की है, लेकिन जेम पोर्टल के माध्यम से जिस प्रकार से प्रक्रिया के तहत सामग्री खरीदने की बात की जा रही है, उसे बड़े उद्योगपतियों को और भी बड़ा बनाने के लिए इस प्रक्रिया को पेश की जा रही है.हमलोग इस प्रक्रिया को समझ भी नहीं पा रहे हैं.सप्लायर एसोसिएशन के संजय भुवालका ने कहा कि जेम पोर्टल को जिस पद्धति से तैयार की गई है, इस पद्धति को बड़े उद्योगपति इसका लाभ उठा पाएंगे, जबकि छोटे उद्योगपतियों के लिए इसमें कोई प्रावधान नहीं दिख रहा है.वहीं बापी बनर्जी ने कहा कि अब हम लोगों के सामने एक ही रास्ता है कि इस व्यवसाय से हमलोग दूर चले जाए, अथवा रोजी रोटी के लिए मोहताज हो जाए. उन्होंने कहा कि अपने आंदोलन के तहत हमलोग प्रथम चरण में प्रबंधन को सूचना दे रहे हैं. इसके पश्चात हमलोग रास्ता पर उतरकर आंदोलन करेंगे. इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सभी सप्लायर मौके पर उपस्थित हुए थे.



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