आसनसोल : आसनसोल नगर निगम के साथ शिल्पांचल के विभिन्न संस्थाओं के द्वारा शुक्रवार को विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की 124 वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर आसनसोल के आश्रम मोड़ इलाके में लगी उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस मौके पर आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय, चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी, उपमेयर वसीम उल हक एमएमआईसी गुरदास चटर्जी, मानस दास, पार्षद श्रावणी मंडल सहित आसनसोल नगर निगम के तमाम कर्मचारी गण उपस्थित थे। सभी ने काजी नजरुल इस्लाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर मेयर विधान उपाध्याय ने कहा कि काजी नज़रुल इस्लाम का भारत के समाज और विशेषकर आजादी के संग्राम में बहुत बड़ा योगदान है। उनकी लेखनी में इतना जोर था कि अंग्रेज उनसे खौफ खाते थे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी लेखनी के जरिए सांप्रदायिक सौहार्द की भी बात कही।यह हमारा सौभाग्य है कि वह इसी धरती पर जन्मे थे। वह शिल्पांचल के ही लाल थे और आज जब फिरका परस्त ताकते ताकतवर हो रही हैं, तो हमें काजी नज़रुल इस्लाम जैसे महान विभूतियों के आदर्शों पर अपने जीवन को गढ़ना है। ताकि कोई भी हमें अलग ना कर सके। साथ ही देश प्रेम कि जो शिक्षा काजी नजरुल इस्लाम के साहित्य से हमें मिलती है। हमें उसका भी अनुसरण करना चाहिए।

0 टिप्पणियाँ