जामुडिया --- जामुड़िया ब्लाक 1 कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन में विद्रोही कवि काजी नजरुल इस्लाम की जन्म जयंती पालन कर श्रृद्धांजलि अर्पित की गई . इस अवसर पर पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य , विश्वनाथ यादव ने कवि की बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे एक सिने कलाकार के साथ - साथ फौजी भी रह चुके थे .राजनीति उनका प्रिय विषय रहा है,वे आंसू कवि थे . त्वरित किसी भी विषय पर कविता लिखना उनका बाये हाथ का खेल था . वे एक अच्छे कहानीकार के साथ- साथ साहित्य अनुवाद भी किए। कवि के जीवन में संगीत कला का बहुत ही सुन्दर समागम था . वे हिन्दी , पारसी , अरबी भाषा के जानकार थे . सन 1960 ई. में भारत सरकार ने कवि नजरुल इस्लाम को पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इस अवसर पर उपस्थित थे .सोमनाथ चटर्जी , सचिव , पश्चिम वर्दवान जिला कांग्रेस कमेटी , कांग्रेस नेता अस्लम रज़ा , रूस्तम अंसारी एवं अन्य .
वहीं दूसरी और कवि काजी नज़रुल इस्लाम के स्मृति में शिशु बागान मोड़ पर अवस्थित उनके प्रतिमा पर सियारसोल राज हाई स्कूल के शिक्षक एवं सहकर्मियों ने उन्हें 124 वीं जन्म अवसर पर श्रद्धा सुमन अर्पित की. इस मौके पर स्कूल प्रांगण में कवि नज़रुल की स्मृति में एक सभा की गई, एवं छात्रों ने नजरुल गीत प्रस्तुत किया. स्कूल के प्राचार्य तापस चट्टोपाध्याय ने कहा कि इसी स्कूल में नजरुल इस्लाम प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण किए थे. यह स्कूल गौरव मयी स्कूल है.उन्होंने बताया कि उनका जन्म जामुड़िया के चुरुलिया में हुआ था, लेकिन शिक्षा ग्रहण करने के लिए वह इसी स्कूल में आते थे. हम लोगों को आज गर्व महसूस होता है कि नजरुल इस्लाम के जन्म दिन के अवसर पर यह अवसर हम लोगों को मिलती है. हम लोग बंगला तिथि के अनुसार उनका जन्मदिन पालन करते हैं.


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