रानीगंज-राज्य के अन्य हिस्सों के साथ-साथ रानीगंज के वामपंथी कार्यकर्ता- समर्थक 5 अप्रैल को दिल्ली की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए इकट्ठा होने के लिए रवाना हुए. भाजपा सरकार मजदूर-किसान विरोधी है. वे केंद्र की मोदी सरकार को आगाह करने के लिए ''मजदूर-किसान संघर्ष रैली'' में शामिल होंगे.सोमवार को रानीगंज के मंगलपुर,काजोरा अंचल से 55 किसान सभा के सदस्य बस से रवाना हुए. किसान सभा के नेता प्रवीर मण्डल ने बताया कि जहां लाखों की संख्या में काम करने वाले लोग अपनी मांगों को लेकर जुटेंगे. दिल्ली की रैली में शामिल होने के लिए देश भर से किसानों और मजदूरों ने यात्रा शुरू कर दी है. और इस मुद्दे को देखते हुए कई लोग रानीगंज औद्योगिक क्षेत्र से बस और ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं. वामपंथी कोयला श्रमिकों से लेकर गांव के किसानों तक रवाना हुए हैं, मजदूर किसानों की स्पष्ट मांग है कि मोदी सरकार की मजदूर और किसान विरोधी नीतियों को आंदोलन के रास्ते परास्त किया जायेगा. देश को कारपोरेट निकायों के हाथ न बेचा जाए, मजदूरों के हक न छीने जाएं, संशोधित बिजली बिल को रद्द किया जाए. किसानों को उपज लागत का डेढ़ गुना मूल्य देना पड़ेगा. मनरेगा कार्य में 200 दिन का काम शुरू किया जाए और न्यूनतम 600 रुपये मजदूरी दी जाए. उनकी यात्रा का उद्घाटन श्रमिक नेता प्रबीर मंडल ने किया.


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