रानीगंज- पंचायत चुनाव से पूर्व बुधवार को रानीगंज गर्ल्स कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के छात्राओं ने शिक्षकों के साथ समाज शास्त्र के पाठ में भाग लिया. जिसका उद्देश्य छात्राओं के मन में पंचायत गठन और पंचायतों की कार्यप्रणाली के प्रति जानकारी हासिल करना था.
कुछ दिनों बाद पंचायत चुनाव होने हैं, और उससे पहले पंचायतों में महिला सशक्तिकरण कैसे लागू हुआ है. इस पर विशेष नजर रख कर इस अभियान में हिस्सा लिया . चूंकि इस पंचायत की प्रधान एक महिला है, इसलिए महिलाओं का सशक्तिकरण कितना प्रभावी रहा है, यह भी यहां देखा गया. बता दें कि राज्य सरकार ने महिलाओं और अनुसूचित जनजाति के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित की हैं. उसी के मद्देनजर इस कार्यक्रम का खास मकसद यह पता लगाना था कि महिलाओं के काम करने के तरीके छात्रों के दिमाग पर कैसे असर डालते हैं. इस दिन सीआरसोल गर्ल्स कॉलेज की छात्राओं ने बल्लभपुर पंचायत के चार मौजा के अलग-अलग हिस्सों का दौरा किया और क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जाना. यह देखा गया कि दामोदर नदी के किनारे भी यह ग्राम पंचायत होने के बाद भी यहां पानी की समस्या है. वहीं, क्षेत्र की सबसे ज्वलंत समस्या प्रदूषण की समस्या है, जिससे बल्लभपुर के कई हिस्से बुरी तरह प्रभावित हैं और वहां के लोगों को परेशानी हो रही है. इस संदर्भ में राजनीति विज्ञान विभाग की प्राध्यापक सुचेता कुंडू ने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायत स्तर पर महिलाओं के लिए 50 फ़ीसदी आरक्षण किया है और यहां की पंचायत प्रधान भी एक महिला है इसलिए आज यहां का दौरा किया गया और यह जानने की कोशिश की गई कि पंचायत स्तर पर महिला सशक्तिकरण को लेकर क्या क्या कदम उठाए जा रहे हैं, वही इस संदर्भ में पंचायत प्रधान ममता प्रसाद ने अपने क्षेत्र की कुछ समस्याओं को छात्रों के सामने रखा. उन्होंने यह भी कहा कि वे इसे हल करने के लिए पहल कर रही हैं. उन्होंने आगे कहा कि छात्राओं ने उनसे क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानना चाहा, क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या पानी की है और उनको आश्वस्त किया गया कि बहुत जल्द इस समस्या को दूर करने की कोशिश की जा रही है.

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