रानीगंज-मंगलवार को चैत्र छठ पूजा के अंतिम अर्घ्य के तहत उपासकों ने उदीयमान भगवान भुवन भास्कर को अर्घ्य प्रदान किया.हालांकि इस बार बीते वर्ष को अपेक्षा छठ घाट पर काफी भीड़ देखी गयी. ज्ञात हो कि नवरात्र की तरह छठ पर्व भी साल में दो बार मनाया जाता है. पहला चैती छठ और दूसरा कार्तिक मास की छठ. कार्तिक मास की तरह चैती छठ भी धूमधाम से मनाई जाती है. रानीगंज के बरदही एवं पंडित पोखर तथा दामोदर नदी के किनारे श्रद्धालुयों ने अर्घ्य प्रदान किये.इस अवसर पर आसनसोल नगर निगम के एमआईसी दिवेन्दु भगत प्रमुख रूप से उपस्थित थे. मान्यताओं के अनुसार चैती छठ की परंपरा भगवान राम ने शुरू की थी. जब भगवान राम का राज्याभिषेक हो रहा था, तब भगवान राम ने माता-सीता के साथ अपने कुलदेवता भगवान भास्कर की पूजा की और सरयू नदी में अर्घ्य दिया था.


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