रानीगंज-चिकित्सक को धरती का भगवान कहा जाता है ,चिकित्सक वह है जो मरते हुए इंसान को भी नई जिंदगी प्रदान करता है. रानीगंज के आनंदलोक अस्पताल में कार्यरत डॉ एन के लाल ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया. इस अस्पताल में इलाजरत बर्नपुर के रहमतनगर इलाके के मोहम्मद अताउल रहमान यहां बीते 17 तारीख से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे. शनिवार प्रातः जब उन्होंने आंखे खोली तो देखा सामने साक्षात ईश्वर खड़े हैं. आनंदलोक अस्पताल में डॉक्टर एनके लाल के देखरेख में चिकित्सा रत मोहम्मद अताउल रहमान ने बताया कहा कि अब वह घर जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि पिछले 8 दिनों से यहां भर्ती है लेकिन अब वह बिल्कुल ठीक हैं,उन्होंने बताया कि अत्यधिक सुगर से उनकी रोशनी चली गई थी,आज उसकी आंख की रोशनी भी लौट आई है.उन्होंने बताया कि आज सुबह जब उन्होंने आंखे खोली तो उनको पहले की तरह सबकुछ दिखाई दे रहा था.इस संदर्भ में चिकित्सक डॉक्टर लाल ने बताया कि जब मोहम्मद रहमान यहां 17 मार्च को आए थे तो इनके पेट में तेज दर्द थाप्रेंकियाज में सूजन था,ऐसी स्थिति में जो भी भोजन दी जाती थी वह बाहर आ जाता है, इसके अलावा श्वास कष्ट भी था .इतना ही नहीं शुगर प्रेशर सब कुछ असामान्य था,वह बिल्कुल निराश हो चुके थे। आज वह बिल्कुल ठीक है. उन्होंने बताया कि यह सब ईश्वर कृपा है.उन्होंने मात्र चिकित्सा की है.उन्होंने कहा की उस वक्त उनको काफी गहरा दुख हुआ जब वह अपने परिवार वालों को यह कह रहे थे कि उनका सबकुछ चला गया, आंख भी चली गई. वह अब नहीं बचेंगे. इनके पास स्वास्थ्य साथी कार्ड था, हालांकि वह नही भी होता तो भी इस अस्पताल में इन्हें पैसे की कमी से इलाज नहीं रुकता.



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