बांकुड़ा-खुद को अत्याचार एवं अपमानित होने से बचाने के लिए एवम रिश्ते में कड़वापन के तहत बाहर आ जाना ही उचित था .खुद को हल्का महसूस कर रही हूं पहले अत्याचारी एवम अपमानित बोध करती थी. स्वस्थ्य रूप से बचना ही सबसे लाभदायक है. ऐसा ही कहना है सुजाता मंडल का .शनिवार को बांकुड़ा जिला अदालत में तलाक मामले में पेशी के बाद पत्रकारों से रूबरू होते हुए बातें कहीं. बता दें कि विष्णुपुर से भाजपा सांसद सौमित्र खां एवं सुजता मंडल के बीच विगत 3 वर्षों से तलाक के बीच मुकदमा चल रहा था. इन तीनों वर्षों के दौरान दोनों पक्षों की तरफ से आरोप-प्रत्यारोप चलता रहा. शनिवार को सुजाता मंडल का कहना है कि समय सब ठीक कर देता है .ऑफर बहुत हैं लेकिन आवेग में बहना नहीं चाहती हैं, क्योंकि जीवन मुझे बहुत खराब और कठिन शिक्षा दे गया है .खुद को बचा कर लाई हूं. तलाक को लेकर अभी तक डिग्री नहीं मिली है .उसके लिए मेरा कोई डिमांड भी नहीं है .बिना शर्त मुक्ति दिया है. सौमित्र का नाम ना लेते हुए सुजाता का कहना है कि उसे बचाने के लिए राजनीति में आई थी तो पहले ही निर्वासित जीवन व्यतीत कर रहा था .एक स्त्री के कर्त्यव्य के चलते ही उसे बचा कर लाई. दूसरी तरफ सुजाता मंडल का आरोप की संबंध रहते उन्होंने किसी और के साथ संपर्क शुरू कर दिया था .एक नारी जो की सांसद का टैग देखकर ही उसके प्रति आकर्षित हुई है नारी जो महिषासुर वर्धनी भी होती है किन्तु कुछ-कुछ विषाक्त नारियों लिए समाज कलंकित हो रहा है.

0 टिप्पणियाँ