कोल माफिया शेख अमीन हत्याकांड के आठ आरोपी हुए दोषी करार

 दुर्गापुर अदालत हत्यारों को सजा सुनाई गई आज

13 सितंबर 2016 को कैलाश पुर ईदगाह समीप की गई थी अमीन की हत्या




दुर्गापुर: पश्चिम बर्दवान जिले के चर्चित कोल माफिया शेख अमीन हत्याकांड मामले में शामिल जेल में बंद विचाराधीन 8 कैदियों का मंगलवार दुर्गापुर अदालत ने दोषी करार दिया है. दुर्गापुर के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज टू (एडीजे 2) के न्यायधीश प्रियव्रत दत्ता ने सभी गवाहों एवं सबूतों के मद्देनजर 8 अपराधियों को हत्या में शामिल रहने की पुष्टि करते हुए उन्हें दोषी करार दिया. अपराधियों को बुधवार एडीजी दो अदालत सजा सुनाएगी. बर्दवान जेल में करीब सात वर्षो से बंद 8 अपराधियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दुर्गापुर महकमा अदालत लाया गया. सुरक्षा के मद्देनजर पूरे अदालत परिसर में काफी संख्या में पुलिस अधिकारी, जवान एवं कॉम्बोर्ड फोर्स की तैनाती की गई थी. कड़ी निगरानी के बीच अपराधियों को एडीजी दो के नया कोट भवन में पेश किया गया. अपराधियों में लावदोहा के कैलाशपुर ग्राम निवासी सानिउल उर्फ़ सनाई, सेख साकिबुल, शेख कासिम, शेख नुरुल होदा उर्फ भूलन, शेख जहांगीर ,शेख जानीउल, शेख शाहजहां एवं बाबर अली शामिल है. आरोपियों के खिलाफ लावदोहा थाने में 13 सितंबर वर्ष 2016 को शेख आमीन नामाक कोल माफिया को अंधाधुंध गोली फायरिंग कर उसे हत्या कर देने का मामला दर्ज कराया गया था. शिकायत दर्ज होते ही पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लेते हुए उन्हें जेल हिरासत भेज दिया था. तब से सभी अपराधी बर्दवान जेल में बंद थे. तकरीबन 8 वर्षों के बाद अपराधियों को दोषी करारा दिया गया है. सरकारी अधिवक्ता देवव्रत साईं ने बताया कि आमीन हत्याकांड मामले को लेकर लंबे समय तक कानूनी दांवपेच के पश्चात करीब 40 गवाहों के बयानों के आधार पर अपराध साबित हो पाए हैं. घटना का सूत्र पात इलाके में अवैध कोयला कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने को लेकर हुई थी. उक्त हत्याकांड में मृतक आमीन के बड़े बेटे ने प्राथिमिक दर्ज कराते हुए कुल 11 लोगों को अभियुक्त बनाया था. जिनमें 8 अपराधी जेल में बंद थे. बाकी तीन अपराधीयो में कोयला कारोबारी पार्थ चटर्जी, लोकेश सिंह एवं शेख साईफूल का नाम दर्ज था. तीनो आरोपीयो का अपराध सिद्ध न होने पर उन्होंने कोलकाता हाई कोर्ट से जमानत ले लिया था.एवम केश से बरी हो गए थे. पकड़े गए 8 अपराधीयो के पास से जांच के दौरान आठ बंदूक बरामद किया गया था. अधिवक्ता श्री साईं ने बताया कि 13 सितंबर वर्ष 2016 को मुस्लिम समुदाय के बकरीद के दिन शेख अमीन ईदगाह से नमाज पढ़कर जो बाहर निकले उसी दौरान अपराधियों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला कर फरार हो गए थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक गोलीकांड में शेख आमीन के शरीर में 9 गोली लगी थी. दूसरी तरफ बचाव पक्ष के अधिवक्ता सोमेन मित्रा ने बताया कि शेख आमीन हत्याकांड में शामिल 8 अभियुक्तों को दुर्गापुर अदालत ने दोषी करार दिया है. जो मान्य नहीं है. अभियुक्तों के रिहाई के लिए कोलकाता हाईकोर्ट में जल्द ही अपील की जाएगी.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 रानीगंज: शिशु बागान मोड़ के पास बड़ी चोरी, घर की छत पर थी मालकिन और नीचे से 35 लाख के जेवर पार
 जामुड़िया में ईडी का बड़ा धमाका: रानीगंज के हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के घर छापेमारी, नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
 रानीगंज में किन्नरों का प्रदर्शन कर सड़क अवरोध किया, एक व्यक्ति पर मारपीट और छीनाझपटी का आरोप
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 रानीगंज के "मिट्टी के लाल" गोपाल आचार्य ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा पर्चा
 रानीगंज में भाजपा का बड़ा दांव: अधिवक्ता पार्थ घोष हुए चुनावी रण में भाजपा के उम्मीदवार
रानीगंज का चुनावी रण: राहुल घोष की हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी एंट्री से क्या बिगड़ेगा दिग्गजों का समीकरण?
 रानीगंज के बड़े चावल निर्यातक अजय कयाल के ठिकानों पर ED का छापा, भारी सुरक्षा बल तैनात