कंबल भगदड़ कांड में पुलिस ने जितेंद्र तिवारी को किया आसनसोल कोर्ट में पेश, जमानत याचिका खारिज, 8 दिनों की पुलिस रिमांड








आसनसोल : आसनसोल कंबल वितरण कांड मामले में एडीसीपी पुलिस ने गुप्तचर विभाग के मदद से शनिवार की शाम नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे से पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी को  गिरफ्तार कर हवाई मार्ग से कोलकाता लायी। वहां से उन्हें आसनसोल उत्तर थाना लाया गया।इसके बाद रविवार की सुबह विशेष अदालत के सीजीएम तरुण कुमार मंडल के अदालत में आसनसोल उत्तर थाना पुलिस ने जितेंद्र तिवारी को पेश किया। सीजेएम कोर्ट में जितेंद्र तिवारी ने अपने केस की पैरवी स्वयं की। लगभग 55 मिनट तक दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। वही पुलिस के द्वारा पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की गई। जज तरुण कुमार मंडल ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद जितेंद्र तिवारी को 8 दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का निर्देश दिया। इस मामले में अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।इसके पहले कड़ी सुरक्षा के बीच जितेंद्र तिवारी को आसनसोल अदालत के सीजीएम कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट परिसर में काफी संख्या में पुलिस बल उपस्थित थे। वहीं भाजपा समर्थक भी काफी संख्या में कोर्ट परिसर में एकत्रित हो गए। उन्होंने लोगों ने  जितेंद्र तिवारी के समर्थन में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समय-समय पर भाजपा कार्यकर्ताओं के द्वारा प्रदर्शन करते हुए भी देखा गया। इस मौके पर जितेंद्र तिवारी ने कहा कि उनके गिरफ्तारी से यह साफ हो गया कि तृणमूल सरकार बदल नहीं बदला चाहती है। जनता 2024 में होने वाली लोकसभा चुनाव में मकबूल जवाब देगी। आसनसोल में हत्या हुई उस मामले में पुलिस ने कुछ नहीं किया और एक दुर्घटना को घटना बताकर पुलिस को मुझे गिरफ्तार करना जरूरी है।कोर्ट के निर्देश के बाद जब पुलिस जितेंद्र तिवारी को उत्तर थाना ले जाने लगी, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस वैन को घेर कर विरोध प्रदर्शन किया।भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि अनुव्रत मंडल को ऐसी गाड़ी से लाया जाता था। उनके नेता को समान्य पीसीआर वैन में क्यों लाया गया? गौरतलब है कि रविवार होने के कारण अदालत में छुट्टी रहती है। इसके बावजूद भी मामला की गंभीरता को देखते हुए सीजीएम तरुण कुमार मंडल स्वयं विशेष अदालत में उपस्थित हुए। वही पूर्व मेयर जितेंद्र तिवारी अधिवक्ता भी हैं। वह आसनसोल अदालत में वकालत कर चुके हैं। इसलिए उन्होंने अपनी केस की पैरवी खुद की। क्योंकि उन्होंने अपनी केस की पैरवी के लिए किसी अधिवक्ता को नियुक्त नहीं किया था।वही सरकारी वकील ने बताया कि न्यायाधीश ने  जितेंद्र तिवारी को 8 दिन की पुलिस हिरासत का आदेश दिया। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (2), 308 और 34 के तहत मामला दर्ज है।

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