आसनसोल : सूरत जिला कोर्ट के जज के द्वारा राहुल गांधी को मानहानि मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी को संसद सदस्य से अयोग्य करार दे दिया।जिसके बाद से पूरे देश में कांग्रेसी कार्यकर्ता और नेता सड़क पर उतर गए हैं। इसके विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी के तहत पश्चिम बर्दवान जिला कांग्रेस कमेटी के तरफ से रविवार को आसनसोल कोर्ट परिसर के समीप महात्मा गांधी की मूर्ति के पास धरना प्रदर्शन किया गया। यह धरना प्रदर्शन जिला अध्यक्ष दिवेश चक्रवर्ती के नेतृत्व में किया गया। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस के सचिव प्रसन्नजीत पुईतंडी के अलावा दर्जनों कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे।इस मौके पर दिवेश चक्रवर्ती ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा अडानी के मामले पर प्रश्न पूछने पर केंद्र की सरकार डर गई और उन्हें गलत तरीके से संसद की सदस्यता समाप्त करवा दी। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने गुजरात में मामला दर्ज कराया था। वह व्यक्ति इस मामले को कोर्ट में जाकर 1 साल तक स्टे रखने की अपील की। लेकिन जब राहुल गांधी ने अडानी के मामले पर प्रश्न पूछा तब उसके 1 सप्ताह के बाद इस मामले को न्यायालय में पुनः शुरू करने की आवेदन की गई। कोर्ट से आदेश आने के 24 घंटे के अंदर आनन-फानन में राहुल गांधी की संसद सदस्य को समाप्त कर दी गई। पूरी प्रक्रिया भी सही ढंग से पूरी नहीं की गई कोर्ट ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट जाने के लिए 30 दिन समय दी है लेकिन सरकार को सदस्यता खत्म करने की इतनी जल्दी बाजी क्यों थी। इससे साफ पता चलता है कि सरकार साजिश के तहत राहुल गांधी की आवाज को दबाना चाहती है। यह तानाशाही है। इस देश में लोकतंत्र खतरे में है। सरकार के विरोध में आवाज उठाने वाले लोगों की आवाज को दबाई जा रही है।अडानी मामला देश का सबसे भ्रष्टाचार का मामला है। जिस पर केंद्र की सरकार बचना चाहती है। और मुद्दा से भटकाने के लिए ऐसा षड्यंत्र रची है। लेकिन 2024 में देश की जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।


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