आसनसोल : आसनसोल का चर्चित कंबल वितरण कांड में एडीपीसी पुलिस द्वारा गिरफ्तार पूर्व मेयर सह भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी की जमानत के लिए जितेंद्र तिवारी के वकील द्वारा मंगलवार को आसनसोल अदालत में अर्जी दी गई, जिसमें हवाला दिया गया कि क्योंकि इस मामले में दो आरोपियों को सुरक्षा कवच सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रदान किया गया है। इसलिए जितेंद्र तिवारी को भी जमानत मिलनी चाहिए। इसे लेकर सरकारी वकील ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद नयायाधीश ने अगली सुनवाई 23 मार्च को करने को कहा। इस विषय में सरकारी वकील सोमनाथ चट्टराज ने बताया कि आज जितेंद्र तिवारी की ओर से उनके वकील ने जमानत की अर्जी डाली थी उनका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में दो आरोपियों को सुरक्षा कवच प्रदान किया है। इसलिए उन्हें भी जमानत मिलनी चाहिए। जिसके बाद अगली तारीख 23 मार्च को तय की गई है। सरकारी वकील ने कहा कि जितेंद्र तिवारी की ओर से आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें नोएडा से आतंकवादी की तरह पकड़ कर लाया गया है इसका जवाब 23 तारीख को सभी दस्तावेजों साथ अदालत में पेश किया जाएगा। इस विषय में जितेंद्र तिवारी के वकील ने कहा कि 14 दिसंबर 2022 को एक दुर्भाग्यजनक घटना हुई थी जिसमें तीन लोगों की मौत हुई थी। उस मामले में कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था। इसमें आसनसोल के पूर्व मेयर भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी भी शामिल है। उन्हें नोएडा से इस तरह से गिरफ्तार किया गया जैसे किसी खतरनाक आतंकवादी को लाया जाता है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा भाजपा के पार्षद गोरव गुप्ता है एवं एक अन्य भाजपा नेता को सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है। इसी बिना पर जमानत अर्जी डाली गई थी। उन्होंने बताया कि जितेंद्र तिवारी पर बदले की करवाई की जा रही है क्योंकि वह तृणमूल से भाजपा में शामिल हुए हैं। इस तरह की पहले भी कई घटनाएं हुई है जिसमें कोई गिरफ्तारी नहीं हुई थी। यह घटना राजनीति से प्रेरित है इसलिए उन्हें जमानत मिलनी चाहिए।


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