रानीगंज-10 मार्च को सरकारी कर्मचारियों के काम पर नहीं आने पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कारण बताओ नोटिस भेजा गया था, हालांकि उस नोटिस के बावजूद सभी को शो काज क्यों नहीं किया गया. इस मांग को लेकर राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारी बुधवार को रानीगंज बीडीओ कार्यालय तथा एस आई कार्यालय पर धरने में शामिल हुए. उन्होंने एक-दूसरे को गुलाब के फूल देकर खुशी का दिन मनाया. निखिल बंग प्राथमिक शिक्षक समिति के रानीगंज मंडल के शिक्षकों और सदस्यों ने विभिन्न बैनर और पोस्टर लेकर संयुक्त मंच पर विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें हड़ताली शिक्षकों द्वारा यह सवाल उठाया गया कि सरकार उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को खत्म करने की कोशिश क्यों कर रही है. उन्होंने एकसाथ शो काज का उत्तर दिया . उन्होंने इस दिन को त्यौहार के दिन के रूप में मनाया और एक दूसरे को मिठाई खिलाते हुए कहा कि सरकार ने दमन की नीति अपनाई है.उन्होंने इस कार्यक्रम के अंतर्गत सभी हड़ताली शिक्षकों व शिक्षिकाओं को उनके हक के तत्काल भुगतान की मांग करते हुए गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया. इस धरना प्रदर्शन में शिक्षक व पूर्व विधायक रूनू दत्ता, कल्लोल घोष, हीरक गांगुली, श्रमिक नेता सुप्रिया राय सहित अन्य लोग विशेष रूप से मौजूद थे. सभी एसआई कार्यालय पहुंचे और अपनी मांगे एसआई को सौंपी. उन्होंने मांग की कि केवल 44 लोगों को ही शो काज क्यों किया गया है ,हड़ताल के दिन वह लोग बड़ी संख्या में कार्य में शामिल नहीं हुए थे, इसलिए उन्होंने मांग की कि सभी को शो काज किया जाए. दूसरी और रानीगंज के सर्किल इन्स्पेक्टर ने कहा कि शिक्षा बंधुओं द्वारा भेजी गई सूची के अनुसार उन्होंने नोटिस भेजा है. उन्होंने कहा कि वह इस मामलों की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देंगे.


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