आसनसोल : कोयला तस्करी मामले में मुख्य आरोपी अनूप मांजी उर्फ लाला के करीबी रत्नेश वर्मा को बुधवार को आसनसोल विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया गया। जहां सीबीआई के अधिवक्ता ने कोर्ट से आरोपी रत्नेश वर्मा को 14 दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने की अर्जी दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए सीबीआई अदालत के जज राजेश चक्रवर्ती ने सीबीआई की मांग को मंजूर करते हुए रत्नेश वर्मा को 13 दिन के लिए सीबीआई हिरासत में भेजने का निर्देश जारी किया। मालुम हो कि रत्नेश वर्मा मंगलवार को आसनसोल सीबीआई के विशेष अदालत में सरेंडर किया था। जिसके बाद रत्नेश वर्मा के अधिवक्ता ने जमानत याचिका दाखिल की। लेकिन सीबीआई के विशेष अदालत के जज राजेश चक्रवर्ती ने जमानत याचिका खारिज कर एक दिन के लिए जेल हिरासत में भेजने का आदेश दिया था और इसकी अगली सुनवाई बुधवार को करने को कही थी।क्योंकि सीबीआई के वकील के द्वारा आरोपी रत्नेश वर्मा को 14 दिन के रिमांड पर भेजने की अर्जी की गई थी। अर्जी पर भी जज ने आज सुनवाई करने की बात कही थी। सनद रहे कि सीबीआई की टीम वर्ष 2019 और वर्ष 2020 में दो बार रत्नेश वर्मा के घर पर छापामारी। रत्नेश वर्मा को सीबीआई कार्यालय में हाजिर होने के लिए नोटिस भी चस्पाया। लेकिन रत्नेश वर्मा सीबीआई के समक्ष हाजिर नहीं हुए। जिसके बाद सीबीआई ने इस मामले में विनय मिश्रा रत्नेश वर्मा को भगौड़ा घोषित कर दिया।जिसके बाद सीबीआई रत्नेश वर्मा की संपत्ति को कुर्की जब्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस प्रक्रिया के शुरू होने के बाद कई महीनों से फरार रत्नेश वर्मा ने आत्मसमर्पण कर दिया। जिसे सीबीआई को महीनों से तलाश थी।

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