रांनीगंज-बंगीय साक्षरता प्रसार समिति की पहल पर रविवार को पूरे प्रदेश के साथ रानीगंज के दो शिक्षा केन्द्रों ने पहली कक्षा से लेकर पहली कक्षा से छठी कक्षा तक के विद्यार्थियों के पठन-पाठन के अभ्यास के अनुसार सीखने के विषयों का आंकलन करने के लिए मूल्यांकन प्रणाली का आयोजन किया गया. इस मूल्यांकन कार्यक्रम में कुल साठ छात्रों ने भाग लिया. मूल रूप से इस शिक्षा के लिए पहली पीढ़ी के छात्रों का मूल्यांकन किया जाता है और इस कार्यक्रम की पहल करने वाली संस्था बंगीय साक्षरता प्रसार समिति के सदस्यों ने कहा कि उन्होंने यह पहल मुख्य रूप से छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और स्कूल छोड़ने वालों की संख्या को कम करने के लिए की है. संस्था के सदस्यों ने बताया कि कोरोना महामारी के प्रभाव से विद्यालय छोड़ने वालों की संख्या में पहले से ही उछाल आया है, इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने रानीगंज साहेब बांध मोहल्ला एवं नूपुर आदिवासी मुहल्ले के विद्यार्थियों के साथ इस तरह का मूल्यांकन कार्यक्रम सम्पन्न किया. गौरतलब है कि नूपुर क्षेत्र के सभी छात्र शिक्षा सहायक केंद्र में पढ़ते हैं और साहेब बांध पाड़ा के छात्र मुख्य रूप से बस्ती इलाके के हैं. इस दिन, उन सभी छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए पहल की गई. इस कार्यक्रम को विशेष रूप से सफल बनाने के लिए बंगीय साक्षरता प्रसार समिति के आयोजक हीरक गांगुली, मोहन धीबर, भोंबल धीबर, माधव दास आदि की अहम भूमिका रही.बता दें कि इस कार्यक्रम में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी भाग लेकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया.









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