प्रतिभावान छात्र छात्राओं को नगर निगम ने किया सम्मानित





आसनसोल : आसनसोल नगर निगम क्षेत्र के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को नगर निगम द्वारा आसनसोल के बीएनआर स्थित रविंद्र भवन में बुधवार को एक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित किया गया। जिसमें पश्चिम बंगाल माध्यमिक बोर्ड, सीबीएसई और आईएससीई बोर्ड से वर्ष 2021-22 में माध्यमिक उच्च माध्यमिक में अच्छे अंको से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आज के सम्मानित कार्यक्रम में आसनसोल निगम के आठ बोरो आसनसोल, बर्नपुर और कुल्टी के छात्र-छात्राएं शामिल थे। रानीगंज और जमुड़िया बोरो के छात्र छात्राओं को 19 दिसंबर को सम्मानित किया जाएगा। इस मौके पर आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय, दोनो उपमेयर वसीम उल हक,अभिजीत घटक नगर निगम के चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी,मेयर परिषद सदस्य शिक्षा सुब्रत अधिकारी, मेयर परिषद सदस्य सांस्कृतिक गुरुदास चटर्जी,मेयर परिषद सदस्य मानस दास,नगर निगम के आयुक्त राहुल मजूमदार के अलावा कई पार्षद एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित थे। इस मौके पर मेयर विधान उपाध्याय, उपमेयर वशीम उल हक और नगर निगम चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने संबोधित किया। मेयर ने कहा कि आज जो यहां प्रतिभावान छात्र छात्राओं को उनके बेहतर प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया जाएगा। उन्हें वे अभिनंदन करते हैं। क्योंकि आज के समय में छात्र-छात्राओं के ऊपर मानसिक दबाव है।एक दूसरे से बेहतर करने की ललक है।ऐसी स्थिति में अच्छे प्रदर्शन कर रहे हैं।जिससे अपना अपने माता-पिता के साथ आसनसोल और राज्य का नाम भी रोशन कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि पिछले 15 साल आगे शिक्षा के क्षेत्र में आसनसोल में विशेष सुविधाएं नहीं थी।हम लोगों के समय में विश्व विद्यालय में पढ़ाई के लिए बर्दवान जाना पड़ता था। आसनसोल शहर में इतनी स्कूल कॉलेज नहीं थी।लेकिन जब से राज्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी की सरकार आई।तब से आसनसोल के छात्र छात्राओं के लिए बहुत सारे सुख सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई।आसनसोल में विश्वविद्यालय खोला गया। कई स्कूल और कॉलेज खुल गये हैं। वही उपमेयर अभिजीत घटक ने कहा कि यहां उपस्थित सम्मानित होने वाले सभी छात्र छात्राएं अभिनंदन के पात्र हैं। जिन्होंने मेहनत कर बेहतर प्रदर्शन कर परीक्षा उत्तीर्ण की।उन्होंने कहा उन्होंने कहा कि आज छात्राओं की संख्या अधिक है।लेकिन जब हम लोग पढ़ते थे। उस समय छात्राएं बहुत कम स्कूल जाया करती थी।चार या पांच कक्षा तक पढ़कर पढ़ाई छोड़ देती थी। क्योंकि अभिभावक समझते थे कि छात्राओं को पढ़ाने का पैसा बेकार है। उन्हें एक दिन शादी कर दूसरे के घर जाना है और संसार बसाना है। लेकिन आज यह मिथक टूट गया है। आज छात्राएं भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
 रानीगंज में किन्नरों का प्रदर्शन कर सड़क अवरोध किया, एक व्यक्ति पर मारपीट और छीनाझपटी का आरोप
 रानीगंज पुलिस ने मंगलपुर स्तिथ होटल से 10 लाख रुपयों सहित 7 जुआरियों को गिरफ्तार किया
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
 प्रयागराज महाकुंभ भगदड़: जामुड़िया के 42 वर्षीय बिनोद रूईदास का शव लेकर पहुंची यूपी पुलिस
 रानीगंज में फाल्गुन एकादशी पर भव्य श्री श्याम निशान यात्रा, हजारों भक्तों ने लगाई हाजिरी,गूंज उठा जय श्री श्याम से
 रानीगंज की बदहाल सड़कों का कायाकल्प शुरू, लोगों में खुशी की लहर,शहर के 4 रास्तों की होगी पक्कीकरण
 गोपाष्टमी के अवसर पर रानीगंज में विशाल शोभायात्रा और मेला: गौशाला ने जारी किया डिजिटल स्मारिका
 रानीगंज के श्री श्री सीताराम मंदिर में उमड़ा भक्ति का सैलाब, लड्डू गोपाल संग खेली गई मनमोहक फूलों की होली