लावदोहा :- दुर्गापुर-फरीदपुर प्रखंड के लावदोहा पंचायत अंतर्गत शीर्षा गांव में ईसीएल के झांझरा परियोजना द्वारा कोयला छोड़ने के क्रम में किए जाने वाले विस्फोट से बुधवार की रात गांव के कई घरों में दरारे आ गयी। जुलाई के महीने में भी इसी प्रकार के विस्फोट से दो दर्जन से अधिक घरों में दरारें आई थी। इस घटना से ग्रामीण काफी चिंतित है। ग्रामीणों ने पुनर्वासन की मांग तेज कर दी है। घटना से प्रभावित ग्रामीणों ने पुनर्वास की मांग पर बुधवार को झांझरा के एमआईसी मोड़ को जाम कर प्रदर्शन किया था। सूचना पाकर झांझरा क्षेत्र के पर्सनल मैनेजर रंजन चंद्र एवं अधिकारी माधुरी कृष्णमूर्ति ने दोपहर के करीब प्रदर्शनकारी ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या का शीघ्र समाधान करने का आश्वासन दिया था, तब मामला शांत हुआ था।
शनिवार को भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी ने इलाके का दौरा किया। उन्होंने इलाके के।लोगो से बात की। कहा कि पहले लोगों की जान बचानी चाहिए फिर राजनीति के लिए काफी समय मिलेगा. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग छह माह से दहशत में जी रहे हैं। सत्ता पक्ष के लोगो को इनका सांथ देना चाहिए था है लेकिन ऐसा करने के बजाय ये दूसरे कामों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि अगर सत्ता पक्ष आम लोगों के साथ नहीं खड़ा होता है तो यह उनका कर्तव्य है कि विपक्षी दल इन लोगों के साथ खड़ा हो। जितेंद्र तिवारी ने ईसीएल के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही इनको पुनर्वास नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में इस क्षेत्र के लोग ईसीएल के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। ईसीएल की सभी गतिविधियों को आवश्यकतानुसार निलंबित कर दिया जाएगा।
वहीं भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी के दौरे पर टिप्पणी करते हुए दुर्गापुर फरीदपुर प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष सुजीत मुखर्जी ने कहा कि भाजपा नेता आज केवल मीडिया में मुंह दिखाने के लिए नौटंकी करने आए हैं. क्योंकि रहवासियों के पुनर्वास को लेकर ईसीएल के अधिकारियों से बातचीत पहले ही पूरी हो चुकी है। सुजीत बाबू ने कहा कि संभवत: अगले बुधवार से क्षेत्र में प्रभावित लोगों के लिए आवासों का निर्माण शुरू हो जाएगा।









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