एडीसीपी कार्यालय घेरने के पहले ही भाजयुमो कार्यकर्ताओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार




 आसनसोल : आसनसोल जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा के द्वारा सिविक कर्मियों के स्थायीकरण करने की मांग पर बुधवार को आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नेरीयट कार्यालय को घेराव करने का कार्यक्रम था। इसके लिए भाजयुमो कार्यकर्ता बीएनआर के समीप एकत्रित हुए।लेकिन पुलिस प्रशासन के तरफ से भगत सिंह मोड़ से लेकर कमिश्ननर कार्यालय तक धारा 144 लगा दिया गया। 4 से अधिक लोग जहां खड़े हो रहे थे। पुलिस उन्हें हटा दे रही थी।अपनी ज्ञापन सौंपने के लिए भाजयुमो कार्यकर्ता जैसे ही आगे बढ़े। वैसे ही पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान भाजयुमो कार्यकर्ता और पुलिस के बीच जमकर नोकझोंक हुई। इस मौके पर डीसीपी सेंट्रल एसएस कुलदीप,आसनसोल दक्षिण थाना प्रभारी कौशिक कुंडू उपस्थित थे। पुलिस का कहना था कि भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने रैली निकालने की अनुमति पुलिस से नहीं ली है।पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए धारा 144 लगाई है। ऐसे में वे इस रैली को जाने की अनुमति नहीं देंगे। इसके बावजूद भी भाजयुमो कार्यकर्ता कमिश्नर कार्यालय जाने के लिए अड़े रहे।जिसके कारण पुलिस और भाजयुमो कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।पुलिस कुछ कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर पुलिस वैन में चढ़ाकर आसनसोल दक्षिण पुलिस फाड़ी ले गई। बस में चढ़ने के समय भी भाजयुमो कार्यकर्ता आक्रोशित दिखे।उन्हें पुलिस के खिलाफ नारा लगाते देखा गया। पुलिस ने आसनसोल जिला भाजयुमो के जिला अध्यक्ष संतोष मुखर्जी के साथ दर्जनों कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। इसके पहले भाजयुमो जिला अध्यक्ष संतोष मुखर्जी ने कहा कि हम लोग शांतिपूर्ण ढंग से सिविक कर्मियों के स्थायीकरण करने की मांग पर आंदोलन कर रहे थे। हमें पुलिस कमिश्नर के कार्यालय को घेराव कर ज्ञापन देना था। यह ज्ञापन भी पुलिस विभाग के एक अंश सिविक कर्मियों के स्थायीकरण करने की मांग पर दिया जाना था।लेकिन पुलिस तृणमूल कांग्रेस के नेताओं का गुलाम बन गई है। उनके इशारे पर इस आंदोलन को बलपूर्वक कुचल दिया गया। लेकिन मैंने कल भी कहा था और आज भी कह रहा हूं कि सिविक पुलिस के साथ हम लोग खड़े हैं। उनके स्थायीकरण करने की मांग पर यदि भाजयुमो कार्यकर्ताओं को खून गिराना पड़े। उसके लिए भी भाजयुमो कार्यकर्ता तैयार हैं। वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस प्राइमरी टीचर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष पार्षद अशोक रूद्र ने कहा कि सिविक कर्मियों के लिए राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हैं। वे उनके हर सुविधाओं को देख रही हैं। जो सिविक कर्मी जितने वेतन पर भर्ती हुए थे। उसका 3 गुना वेतन वृद्धि हुआ है। उनको सामाजिक सुरक्षा का भी व्यवस्था गई है। दुर्घटना होने पर भी उन्हें एकमुश्त राशि दी जा रही है। राज्य सरकार के सिविक कर्मियों को देखने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी काफी हैं।भाजयुमो के कार्यकर्ताओं के द्वारा जो प्रदर्शन किया गया। यह खबर में बने रहने के लिए किया गया। यह नौटंकी है। यदि भाजपा को लग रहा है कि प्रदर्शन करना चाहिए, तो वे केंद्र सरकार जो राज्य का पैसा अटका कर रखा हुआ है। उसके लिए प्रदर्शन करें। वह पैसा मिलने ममता बनर्जी उस पैसे से सभी का बेहतर ख्याल रख सकती है।

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