आसनसोल : आसनसोल में आए तिब्बतियन पोटाला बाजार के तिब्बतियों के द्वारा शनिवार को तिब्बत के धर्मगुरु 14 वें दलाई लामा को नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान करने की 33वीं वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर दलाई लामा के तस्वीर पर माल्यार्पण किया गया।इस दौरान उनके जीवनी पर भी प्रकाश डाला गया। इस दौरान संबोधित करते हुए एक वक्ता ने कहा कि तिब्बत के सर्वोच्च धार्मिक गुरु को दलाई लामा कहा जाता है। हमारे 14 वें दलाई लामा को वर्ष 1989 में विश्व शांति नोबेल पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया था।जिसका आज हम लोग 33वां वर्षगांठ मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे दलाई लामा कहा करते थे कि भारत हमारा गुरु है। हमलोग उनके चेले हैं।भारत के जैसा भाईचारा प्रेम करुणा और अन्य देशों में नहीं है। कार्यक्रम शुरू करने से पहले भारत का राष्ट्रीय गान गया गया,वहीं सैकड़ो लोगो को पूरी छोला खिलाया गया.









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